CCL में भ्रष्टाचार की परतें: पेंशन से कोयला ट्रांसपोर्टिंग तक रिश्वतखोरी के आरोप, CBI की कार्रवाई से उठे जवाबदेही पर सवाल
रांची | Drishti Now विशेष रिपोर्ट
झारखंड की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की पड़ताल करने पर एक गंभीर तस्वीर सामने आती है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन और बकाये के भुगतान से लेकर कोयला उठाव, डिस्पैच, रोड-सेल और ट्रांसपोर्टिंग तक, अलग-अलग कार्यक्षेत्रों में रिश्वतखोरी और कथित अवैध वसूली के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एंटी करप्शन ब्रांच ने कई बार कार्रवाई की। कुछ मामलों में अधिकारियों और कर्मचारियों को कथित तौर पर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ मामलों में जांच के दौरान दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए गए।
पेंशन और बकाये के भुगतान में रिश्वतखोरी के आरोप
CCL में सामने आए मामलों का एक चिंताजनक पहलू सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वैध भुगतान से जुड़ा है। जिन कर्मचारियों ने वर्षों तक कंपनी में सेवा दी, उनके पेंशन, CMPF और एरियर भुगतान की प्रक्रिया में कथित रिश्वत मांगने के मामले सामने आए।

14 अक्टूबर 2026: सौंदा डी परियोजना में कार्यालय अधीक्षक गिरफ्तार
रामगढ़ जिले के बरका-सयाल क्षेत्र की सौंदा डी परियोजना में CBI ने कार्यालय अधीक्षक अभय कुमार बख्शी को कथित तौर पर 20 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
रिपोर्टों के अनुसार, मामला CCL कर्मचारी रीना नायक की मृत्यु के बाद उनके पति गंगाधर प्रधान को अनुकंपा नियुक्ति और CMPF की राशि से संबंधित प्रक्रिया में मदद दिलाने के नाम पर कथित रिश्वत मांगने से जुड़ा था। CBI की कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम आरोपी की मोटरसाइकिल की डिक्की से बरामद किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद कार्यालय और आवास पर तलाशी तथा पूछताछ की गई।
18 सितंबर 2026: कथारा एरिया में दो क्लर्क गिरफ्तार
बोकारो जिले के कथारा एरिया की गोविंदपुर परियोजना में CBI ने दो कर्मचारियों को कथित तौर पर 18 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। गिरफ्तार कर्मचारियों की पहचान CMPF डीलिंग क्लर्क मेघलाल महतो और पेंशन डीलिंग क्लर्क मोहम्मद इम्तियाज के रूप में हुई। मामला सेवानिवृत्त कर्मचारी रसूल जमा के लंबित पेंशन और CMPF भुगतान से जुड़ा था। आरोप है कि भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। CBI की धनबाद इकाई ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद कार्रवाई की।

2026: दिव्यांग कर्मचारी की ड्यूटी और हाजिरी से जुड़े मामले
22-23 जून 2026: बरका-सयाल क्षेत्र में चीफ स्टोर कीपर गिरफ्तार
भुरकुंडा स्थित CCL के क्षेत्रीय स्टोर में चीफ स्टोर कीपर अरुण कुमार सिन्हा के खिलाफ CBI ने कार्रवाई की।
रिपोर्टों के अनुसार, कर्मचारी तुलेश्वर मांझी ने आरोप लगाया था कि शारीरिक परेशानी के कारण सुरक्षा कार्य में लगाए जाने के बाद उनकी ड्यूटी बरकरार रखने के एवज में हर महीने पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी जा रही थी।
CBI ने शिकायत का सत्यापन कर कार्रवाई की और आरोपी को कथित तौर पर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।

2025: कोयला उठाव और ट्रांसपोर्टिंग में कथित अवैध वसूली
9 सितंबर 2025: गिद्दी क्षेत्र में सात गिरफ्तार
रामगढ़ जिले के गिद्दी क्षेत्र में कोयला परिवहन और रोड-सेल से जुड़े कथित अवैध वसूली मामले में CBI ने सात लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में CCL के तीन कर्मचारी और चार निजी व्यक्ति शामिल थे।
CCL कर्मचारियों की पहचान:
– अनिल कुमार
– दीपक कुमार
– नरेश कुमार
निजी व्यक्तियों की पहचान:
– मोहम्मद सद्दाम
– इजराइल अंसारी
– मोहम्मद तबरेज
– अरुण लाल
CBI के अनुसार, कोयला कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों से कथित तौर पर कमीशन के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी। आरोप था कि कोयला उठाव और ट्रकों की आवाजाही को सुगम बनाने के नाम पर रकम वसूली जाती थी। इस मामले में CBI ने RC 9(A)/2025-R के तहत केस दर्ज किया था।
15 जुलाई 2025: गिद्दी-ए कोलियरी में चार गिरफ्तार
गिद्दी-ए कोलियरी परियोजना से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में CBI ने चार लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में परियोजना प्रबंधक अयोध्या करमाली, क्लर्क मुकेश कुमार, प्रकाश महली और निजी व्यक्ति विजय कुमार सिंह शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 में किए गए औचक निरीक्षण के बाद जांच आगे बढ़ी थी। आरोप था कि कोयला उठाव और परिवहन को सुविधाजनक बनाने के बदले निजी कोयला कारोबारियों से अवैध भुगतान लिया जा रहा था।
14 मई 2025: सिरका कोलियरी के सुरक्षा अधिकारी गिरफ्तार
CCL की सिरका कोलियरी में सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद को कथित तौर पर दस हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। आरोप था कि एक कर्मचारी को उसके खिलाफ लगे आरोपों से मुक्त करने के एवज में रिश्वत मांगी गई थी। CBI ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की और आरोपी के आवास पर भी तलाशी ली।
2024: आम्रपाली परियोजना में कोयला उठाव के बदले रिश्वत
3-4 अप्रैल 2024: डिस्पैच अधिकारी और क्लर्क गिरफ्तार
चतरा जिले की आम्रपाली परियोजना में कोयला उठाव से संबंधित रिश्वतखोरी के मामले में CBI ने डिस्पैच अधिकारी सुधांशु कुमार शर्मा और क्लर्क जीतेन गंझू को गिरफ्तार किया। CBI के रिकॉर्ड के आधार पर उपलब्ध न्यायालयीय विवरण के अनुसार, कोयला लिफ्टर कृष्णा कुमार से दो डिस्पैच ऑर्डर के तहत कोयला उठाव की अनुमति के एवज में 91 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायतकर्ता ने 13 मार्च 2024 को CBI से संपर्क किया था। इसके बाद शिकायत का सत्यापन किया गया और ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान 50 हजार रुपये की रकम स्वीकार किए जाने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार किया गया।
मामले में CBI ने:
– 2 अप्रैल 2024 को प्राथमिकी दर्ज की।
– 3-4 अप्रैल 2024 को ट्रैप कार्रवाई की।
– 1 जून 2024 को मुख्य आरोपपत्र दाखिल किया।
– 16 अक्टूबर 2024 को पूरक आरोपपत्र दाखिल किया।
8 अक्टूबर 2024: कथारा वाशरी में एरियर भुगतान के नाम पर गिरफ्तारी
बोकारो जिले के कथारा वाशरी में कार्यरत क्लर्क सुरेश ठाकुर को कथित तौर पर सेवानिवृत्त कर्मचारी के एरियर भुगतान के बदले रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, मामला पेय प्रोटेक्शन एरियर के भुगतान से संबंधित था।
एक नजर…
CCL में रिश्वतखोरी के आरोप और गिरफ्तारियां
अप्रैल 2024 से अक्टूबर 2026 तक कोल इंडिया की सहायक कंपनी
सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के विभिन्न क्षेत्रों में
सामने आए मामलों की तारीखवार टाइमलाइन
3-4 अप्रैल 2024
आम्रपाली, चतरा: डिस्पैच अधिकारी और क्लर्क गिरफ्तार
आम्रपाली क्षेत्र में डिस्पैच अधिकारी सुधांशु कुमार शर्मा
और क्लर्क जीतेन गंझू को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
आरोप के अनुसार, 91 हजार रुपये
की मांग की गई थी और कार्रवाई के दौरान
50 हजार रुपये की ट्रैप रकम
से जुड़ा मामला सामने आया।
8 अक्टूबर 2024
कथारा वाशरी: एरियर भुगतान के बदले रिश्वत का आरोप
कथारा वाशरी में क्लर्क सुरेश ठाकुर को एरियर भुगतान
के बदले कथित रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया।
14 मई 2025
सिरका कोलियरी: सुरक्षा अधिकारी गिरफ्तार
सिरका कोलियरी में सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद को
10 हजार रुपये रिश्वत लेने
के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
15 जुलाई 2025
गिद्दी-ए कोलियरी: परियोजना प्रबंधक समेत चार गिरफ्तार
गिद्दी-ए कोलियरी में परियोजना प्रबंधक समेत चार लोगों की
गिरफ्तारी हुई। मामला कोयला उठाव और परिवहन में कथित
अवैध भुगतान से जुड़ा बताया गया।
9 सितंबर 2025
गिद्दी क्षेत्र: कोयला ट्रांसपोर्टिंग में सात गिरफ्तार
गिद्दी क्षेत्र में कोयला ट्रांसपोर्टिंग के दौरान कथित
अवैध वसूली के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया।
22-23 जून 2026
बरका-सयाल: चीफ स्टोर कीपर गिरफ्तार
बरका-सयाल क्षेत्र में चीफ स्टोर कीपर अरुण कुमार सिन्हा
को ड्यूटी से जुड़े कथित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया गया।
18 सितंबर 2026
कथारा एरिया: पेंशन और CMPF भुगतान में रिश्वत का आरोप
कथारा एरिया में पेंशन और CMPF भुगतान के बदले
18 हजार रुपये रिश्वत लेने
के आरोप में दो क्लर्क गिरफ्तार किए गए।
14 अक्टूबर 2026
सौंदा डी परियोजना: कार्यालय अधीक्षक गिरफ्तार
सौंदा डी परियोजना में कार्यालय अधीक्षक अभय कुमार बख्शी
को 20 हजार रुपये रिश्वत लेने
के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
1. क्या भ्रष्टाचार के मामले अलग-अलग कार्यालयों तक सीमित हैं? उपलब्ध घटनाओं में पेंशन, CMPF, एरियर, सुरक्षा, ड्यूटी, डिस्पैच और ट्रांसपोर्टिंग जैसे अलग-अलग कार्यक्षेत्र शामिल हैं। इससे कंपनी की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।
2. सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान में देरी क्यों?
पेंशन और CMPF भुगतान के बदले रिश्वत मांगने के आरोप विशेष रूप से गंभीर हैं CCL प्रबंधन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि: सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान की औसत समयसीमा क्या है? कितने पेंशन और CMPF मामले लंबित हैं? भुगतान में देरी के कारणों की समीक्षा कैसे होती है? रिश्वत की शिकायत मिलने पर विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई की जाती है?
3. कोयला उठाव और ट्रांसपोर्टिंग की निगरानी कितनी पारदर्शी है?
गिद्दी और आम्रपाली से जुड़े मामलों में कोयला उठाव, डिस्पैच और ट्रांसपोर्टिंग प्रक्रिया में कथित अवैध भुगतान के आरोप सामने आए।
CCL प्रबंधन से जवाबदेही के सवाल
लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच CCL प्रबंधन के सामने कुछ महत्वपूर्ण सवाल हैं:
1. क्या सभी संबंधित मामलों में विभागीय जांच शुरू की गई है?
2. गिरफ्तार कर्मचारियों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत क्या कार्रवाई हुई?
3. पेंशन और CMPF भुगतान के लिए समयबद्ध तथा डिजिटल प्रक्रिया लागू है या नहीं?
4. कोयला रोड-सेल और ट्रांसपोर्टिंग में अवैध वसूली रोकने के लिए क्या निगरानी तंत्र है?
5. क्या कंपनी ने भ्रष्टाचार के मामलों की समीक्षा के लिए स्वतंत्र आंतरिक ऑडिट कराया है?
6. क्या शिकायतकर्ताओं और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित शिकायत व्यवस्था उपलब्ध है?

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