रांची के अस्पतालों को मेयर की सख्त हिदायत, सर्दी से पहले चादर-कंबल और दवाओं की व्यवस्था दुरुस्त करें; दीपावली-छठ पर भी अलर्ट रहने का निर्देश
रांची। राजधानी रांची के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर नगर निगम की महापौर रोशनी खलखो (Raushni khalkho ) ने स्वास्थ्य विभाग को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। महापौर ने सर्दी के मौसम को देखते हुए अस्पतालों में चादर, कंबल, बेड, दवाइयों और अन्य जरूरी चिकित्सा सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही दीपावली और छठ महापर्व के दौरान संभावित दुर्घटनाओं से निपटने के लिए अस्पतालों को विशेष रूप से तैयार रहने का निर्देश दिया है। इस संबंध में महापौर ने 5 नवंबर 2026 को रांची के असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को अलग-अलग पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।

सर्दी में मरीजों को चादर-कंबल नहीं मिलने पर जताई चिंता
महापौर ने अपने पत्र में कहा है कि आगामी तीन से चार महीनों में ठंड का प्रकोप बढ़ेगा। ऐसे में अस्पतालों में मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था के साथ चादर, कंबल, बेड, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सदर अस्पताल के सभी वार्डों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया है, ताकि अस्पतालों में चल रही व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का पता चल सके और मरीजों को जरूरी सुविधाएं मिल सकें। पत्र में इस बात पर भी चिंता जताई गई है कि अस्पतालों में चादर, कंबल और बेड जैसी बुनियादी सुविधाओं की अनुपलब्धता को लेकर लगातार नकारात्मक खबरें सामने आती रहती हैं। महापौर ने सवाल उठाया है कि केंद्र और राज्य सरकार से पर्याप्त मदद मिलने के बावजूद मरीजों को छोटी-छोटी बुनियादी सुविधाओं से वंचित क्यों रहना पड़ता है। उन्होंने इस मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई करने को कहा है।

प्रसूति विभाग को मजबूत करने पर भी जोर
महापौर ने अस्पतालों के प्रसूति विभाग को और सशक्त बनाने की जरूरत बताई है। उन्होंने निर्देश दिया है कि प्रसव के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले और उन्हें सुरक्षित तरीके से घर पहुंचाया जा सके। इसके लिए अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
दीपावली और छठ पर अस्पतालों को आपातकालीन व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश
महापौर ने दूसरे पत्र में दीपावली और छठ महापर्व के दौरान संभावित दुर्घटनाओं एवं चिकित्सकीय आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष तैयारी करने को कहा है।निर्देश के मुताबिक, सभी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा सामग्री के साथ जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध रखे जाएं। खास तौर पर बर्न (जलने से संबंधित उपचार) वार्ड और एम्बुलेंस सेवा को सक्रिय रखने पर जोर दिया गया है, ताकि पटाखों से जलने या अन्य दुर्घटनाओं की स्थिति में घायलों को तत्काल उपचार मिल सके।छठ महापर्व के दौरान प्रमुख घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए महापौर ने वहां एम्बुलेंस, चिकित्सा शिविर और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि जिन घाटों पर श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ जुटती है, वहां चिकित्सा टीम की विशेष मौजूदगी रहनी चाहिए।
आपातकालीन सेवाओं की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति
दोनों प्रमुख त्योहारों के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की निगरानी के लिए वरिष्ठ पदाधिकारियों की नियुक्ति करने का भी निर्देश दिया गया है। महापौर ने संबंधित अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने तथा निर्देशों के अनुपालन की सूचना देने को कहा है। महापौर के इन निर्देशों का उद्देश्य एक ओर ठंड के मौसम में अस्पतालों में भर्ती मरीजों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, वहीं दूसरी ओर दीपावली और छठ के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में लोगों को त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करना है।


















