Dhanbad : मिठाई के पैकेट में शराब की 25 बोतलें! धनबाद-अलेप्पी एक्सप्रेस में तस्करी का खुलासा, कोच अटेंडेंट समेत दो गिरफ्तार
Dhanbad बी-वन कोच की अलमारी और बैग में छिपाकर रखी गई थी शराब की खेप, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने धनबाद स्टेशन पर पकड़ा; पूछताछ में यात्रियों को महंगे दाम पर शराब बेचने का खुलासा
धनबाद। ट्रेनों में शराब तस्करी करने वाले अब ऐसे तरीके अपना रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को भी चकमा दिया जा सके। धनबाद-अलेप्पी एक्सप्रेस में मिठाई के पैकेट के भीतर शराब छिपाकर ले जाने का मामला सामने आया है। आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए ट्रेन के कोच अटेंडेंट समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पांच मिठाई के पैकेट में छिपाकर रखी गई शराब की कुल 25 बोतलें बरामद की गई हैं।

मिठाई के डिब्बों में छिपाई गई थी शराब
घटना धनबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर सात की है। धनबाद-अलेप्पी एक्सप्रेस की निगरानी के दौरान आरपीएफ टीम को शराब तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद आरपीएफ और क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच (सीआईबी) की संयुक्त टीम ने ट्रेन के बी-वन कोच में जांच शुरू की।जांच के दौरान एक सप्लायर अपने पिट्ठू बैग से मिठाई के चार पैकेट निकालकर कोच अटेंडेंट को देता दिखाई दिया। कोच अटेंडेंट ने इन पैकेटों को कोच की अलमारी में रख दिया, जबकि एक अन्य पैकेट अपने बैग में छिपा लिया। संदिग्ध गतिविधि देखकर टीम ने दोनों को हिरासत में लेकर तलाशी ली।
एक पैकेट में पांच बोतल, कुल 25 बोतल बरामद
तलाशी के दौरान पांचों मिठाई के पैकेट से शराब की बोतलें बरामद हुईं। प्रत्येक पैकेट में पांच-पांच बोतल शराब छिपाकर रखी गई थी। इस तरह कुल 25 बोतल शराब जब्त की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूली ई-ब्लॉक निवासी 45 वर्षीय शंकर कुमार और बोकारो निवासी 30 वर्षीय राजेश रजवार के रूप में हुई है। पूछताछ में कोच अटेंडेंट ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह शराब को छिपाकर ट्रेन में ले जाता था और यात्रियों को अधिक कीमत पर बेचता था। दोनों आरोपियों को जब्त शराब के साथ उत्पाद विभाग को सौंप दिया गया है।

पहले टॉयलेट की छत में छिपाई गई थी बीयर
धनबाद की ट्रेनों में शराब तस्करी के लिए नए-नए तरीके अपनाए जाने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इससे पहले धनबाद-पटना एक्सप्रेस में बाथरूम की छत के भीतर बीयर छिपाकर ले जाने का मामला चर्चा में आया था। टॉयलेट की छत में गुप्त जगह बनाकर शराब रखने का तरीका सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने जांच की थी। इसके अलावा बंगाल से बीयर खरीदकर बिहार में ऊंची कीमत पर बेचने वाले तस्कर को भी धनबाद स्टेशन पर पकड़ा जा चुका है। धनबाद-पटना गंगा-दामोदर एक्सप्रेस से भी शराब की खेप बरामद होने की घटनाएं सामने आई हैं।
रेलवे कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल
इस ताजा मामले ने ट्रेन के भीतर शराब तस्करी के नेटवर्क और रेलवे कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि जिस व्यक्ति पर कोच की व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा की जिम्मेदारी होती है, उसी पर शराब तस्करी में शामिल होने का आरोप है।।अब जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि शराब की आपूर्ति कहां से की जा रही थी, ट्रेन में इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं। आरपीएफ और सीआईबी की कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि शराब तस्कर सामान्य सामान की आड़ में भी अवैध कारोबार को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। मिठाई के पैकेट में शराब छिपाने का यह तरीका रेलवे सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी नई चुनौती बनकर सामने आया है।

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