78 turtles recovered from the general coach of the Doon Express.

धनबाद : दून एक्सप्रेस के जनरल कोच से 78 कछुए बरामद, 14 दिन में दूसरी बड़ी बरामदगी

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चार लावारिस बैगों में छिपाकर ले जाए जा रहे थे कछुए, 29 अगस्त को इसी ट्रेन से मिले थे 120 कछुए

गोविंद /धनबाद 

धनबाद। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच धनबाद रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने दून एक्सप्रेस के जनरल कोच से 78 जीवित कछुए बरामद किए हैं। कछुओं को चार लावारिस बैग और थैलों में छिपाकर ले जाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में कछुओं के इंडियन फ्लैपशेल प्रजाति के होने की जानकारी सामने आई है। बरामद कछुओं को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद वन विभाग को सौंप दिया गया है।

आरपीएफ के अनुसार, वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर आरपीएफ पोस्ट धनबाद के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में विशेष टीम और सीआईबी धनबाद की टीम ने 11-12 सितंबर की रात ऑपरेशन WILEP के तहत संयुक्त जांच अभियान चलाया। इसी दौरान ट्रेन संख्या 13010 योग नगरी ऋषिकेश-हावड़ा दून एक्सप्रेस के धनबाद स्टेशन पहुंचने पर कोचों की जांच की गई।

जांच के दौरान इंजन से दूसरे जनरल कोच में दो थैले और दो पिठ्ठू बैग लावारिस हालत में मिले। आरपीएफ जवानों ने कोच में मौजूद यात्रियों से बैगों के बारे में पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी उन पर अपना दावा नहीं किया। संदेह होने पर बैगों को प्लेटफॉर्म पर उतारकर गवाहों की मौजूदगी में तलाशी ली गई।

तलाशी में सफेद रंग के थैले से 31, डेनिम रंग के बैग से 16, हरे रंग के बैग से 19 और नीले रंग के बैग से 12 जीवित कछुए बरामद हुए। इस तरह कुल 78 कछुए मिले।

आरपीएफ ने बरामद कछुओं को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीव मानते हुए आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया।

किसी ने नहीं लिया बैगों का जिम्मा

इस मामले में अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच के दौरान किसी यात्री ने बैगों पर अपना स्वामित्व नहीं जताया। आरपीएफ अब स्टेशन और ट्रेन के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। इसके अलावा यात्रियों की आवाजाही और ट्रेन के पूर्ववर्ती ठहरावों की जानकारी जुटाकर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बैग ट्रेन में किसने रखे थे।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कछुओं को कहां से लाया गया था और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था।

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29 अगस्त को इसी ट्रेन से मिले थे 120 कछुए

सबसे अहम बात यह है कि 29 अगस्त की रात भी इसी दून एक्सप्रेस से 120 जीवित कछुए बरामद हुए थे। उस समय आरपीएफ की मंडल स्तरीय टास्क टीम गोमो और धनबाद के बीच ट्रेन की जांच कर रही थी।

करीब रात 12:30 बजे ट्रेन के पीछे की ओर स्थित महिला कोच के अंतिम कंपार्टमेंट में छह लावारिस बैग और बोरियां मिली थीं। तलाशी के दौरान प्रत्येक बैग में 20-20 जीवित कछुए पाए गए थे। कुल 120 कछुए बरामद हुए थे।

14 दिन में 198 कछुए बरामद, तस्करी नेटवर्क पर सवाल

29 अगस्त को 120 और अब 11-12 सितंबर की रात 78 कछुओं की बरामदगी को मिलाकर सिर्फ 14 दिनों के भीतर इसी ट्रेन से 198 जीवित कछुए बरामद हो चुके हैं।

लगातार दूसरी बार दून एक्सप्रेस से इतनी बड़ी संख्या में कछुओं की बरामदगी ने इस रेल मार्ग के जरिए वन्यजीव तस्करी के संभावित संगठित नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरपीएफ और वन विभाग अब कछुओं के स्रोत, संभावित खरीदार और गंतव्य के साथ-साथ इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने में लगे हैं।

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