करम पर्व की तैयारियों को लेकर उरांव समाज बान टोला अखाड़ा में बैठक, 22 सितंबर को होगी करम राजा की पूजा
अश्वनी पांडेय
चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में करम पर्व के आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसे लेकर शनिवार को उरांव समाज बान टोला अखाड़ा में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपमुखिया चमरू लकड़ा ने की। आदिवासी उरांव समाज संघ के निर्देश पर हुई बैठक में करम पर्व की पूजा, जागरण, पारंपरिक कार्यक्रम और विसर्जन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि करम पर्व इस वर्ष भी पारंपरिक रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ मनाया जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार 17 सितंबर को जावा जागरण, 21 सितंबर की रात करम पूजन जागरण और 22 सितंबर को करम राजा की पूजा होगी। इसके बाद 23 सितंबर को करम डाल का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन के अगले दिन रूनूझुनु (परना मंडी) कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमति बनी।
कर्मा-धर्मा की कथा के बाद रातभर होगा नाच-गान
मुखिया लालू कुजूर ने कहा कि करम पर्व उरांव समाज के प्रमुख पारंपरिक त्योहारों में से एक है। पर्व के दौरान युवक-युवतियां उपवास रखकर नेग-नियम और विधि-विधान के साथ करम राजा की पूजा करते हैं।
अखाड़े में करम डाल स्थापित किए जाने के बाद कर्मा और धर्मा दोनों भाइयों की कथा सुनाई जाती है। इसके बाद रातभर ढोल, नगाड़े और मांदल की थाप पर पारंपरिक गीत और नृत्य का आयोजन होता है।

रोरो नदी के समीप होगा करम डाल का विसर्जन
करम विसर्जन के दिन उपवास रखने वाली युवतियां करम डाल लेकर पाहन पुजारी के घर जाएंगी। इसके बाद उनके सहयोगी पनभरवा के घर होते हुए पूरे मोहल्ले का भ्रमण किया जाएगा। इस दौरान पारंपरिक नाच-गान करते हुए करम डाल को रोरो नदी स्थित घसिया मंदिर के समीप ले जाया जाएगा, जहां विधि-विधान के साथ करम डाल का विसर्जन किया जाएगा।
बैठक में दुर्गा कुजूर, शम्भू टोप्पो, खुदिया कुजूर, राजेन्द्र कच्छप, तेजो कच्छप, फागु खलखो, वार्ड पार्षद लक्ष्मी कच्छप, पुतुल खलखो, रमेश कुजूर, लखन टोप्पो, बिट्टू कच्छप, सुखलाल कुजूर, बिरसा लकड़ा, सुखदेव मिंज, संजय कुजूर, कृष्णा मुंडा, सुनील खलखो, उमेश कुजूर, कर्मा कुजूर, बंधन कुजूर, सूरज कुजूर, जगरनाथ टोप्पो, राजू कच्छप, शम्भू तिर्की, शिल्पा तिग्गा, पूनम तिग्गा, चंद्रमुखी कच्छप, रीना कच्छप, निशा तिर्की और मनीषा तिर्की समेत बड़ी संख्या में युवक-युवतियां मौजूद रहे।


















