RPF Recovers Cases of Beer from Bathroom Ceiling of Ganga-Damodar Express AC Coach

गंगा-दामोदर एक्सप्रेस के AC कोच में ‘खूफिया’ तहखाना: धनबाद RPF ने बाथरूम की छत से बरामद की बीयर की पेटियां, बिहार जा रही थी खेप

खुफिया सूचना पर धनबाद RPF ने गंगा-दामोदर एक्सप्रेस में की छापेमारी।

AC बोगी के बाथरूम की फॉल्स सीलिंग (छत) को खोलकर छिपाई गई थीं बीयर की पेटियां।

बिहार में शराबबंदी के बाद तस्करों ने अपनाया तस्करी का नया और शातिराना तरीका।

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UP, बंगाल और झारखंड के सिंडिकेट से जुड़े हैं तार, जांच में जुटीं एजेंसियां।

RPF Recovers Cases of Beer from Bathroom Ceiling of Ganga-Damodar Express AC Coach

धनबाद: बिहार में शराबबंदी के बाद से शराब तस्कर हर दिन सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए नए-नए और हैरान करने वाले पैंतरे अपना रहे हैं। ताजा मामला धनबाद का है, जहाँ धनबाद से पटना जा रही गंगा-दामोदर एक्सप्रेस (Ganga Damodar Express)में तस्करों की एक बेहद शातिराना साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। रेल सुरक्षा बल (RPF) ने मुस्तैदी दिखाते हुए ट्रेन के AC कोच के बाथरूम की छत से तीन पेटी अवैध बीयर बरामद की है।

गुप्त सूचना पर RPF ने बिछाया जाल

RPF अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली थी कि ट्रेन के AC कोच में शराब की एक खेप बिहार ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही धनबाद RPF की टीम अलर्ट हो गई और ट्रेन के धनबाद स्टेशन पर रुकते ही संदिग्ध बोगी की सघन तलाशी शुरू की गई।
जब सामान्य जगहों पर कुछ नहीं मिला, तो जवानों ने तकनीकी सूझबूझ दिखाते हुए बाथरूम की छत (फॉल्स सीलिंग) को खोलकर चेक किया। छत खुलते ही RPF के जवान भी हैरान रह गए—अंदर बीयर की तीन पेटियां बेहद शातिर तरीके से छिपाई गई थीं। पुलिस ने तुरंत शराब को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया।

तीन राज्यों में फैला है तस्करों का ‘मास्टरमाइंड’ नेटवर्क

RPF के सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस जब्ती ने शराब तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क (Interstate Syndicate) का पर्दाफाश किया है। यह खेप किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैले अपराधियों के गठजोड़ का हिस्सा है।

तस्करी का यह नेटवर्क मुख्य रूप से इन रूटों पर सक्रिय है:

पश्चिम बंगाल: कुल्टी और सीतारामपुर
उत्तर प्रदेश: बलिया और बनारस
झारखंड: धनबाद और हज़ारीबाग

इन शहरों के स्थानीय एजेंट आपस में जुड़े हुए हैं। बंगाल, यूपी और झारखंड से शराब की खेप को ट्रेनों के जरिए बिहार के स्थानीय तस्करों तक पहुंचाया जाता है, जहां से इसे ऊंचे दामों पर क्षेत्रीय ब्लैक मार्केट में खपाया जाता है।

हाईटेक कोऑर्डिनेशन और ‘चेन-सिस्टम’ का इस्तेमाल

जांच में सामने आया है कि तस्करों का यह ‘चेन-सिस्टम’ बेहद हाईटेक और योजनाबद्ध है। भेजने वाले (सप्लायर) और रिसीवर के बीच की कड़ियां मजबूत हैं। इन्हें ट्रेनों के रूट, सुरक्षा एजेंसियों के चेक-पॉइंट्स और बोगियों की बनावट (Technical Structure) की पूरी जानकारी होती है। इसी वजह से ये फॉल्स सीलिंग जैसी जगहों का इस्तेमाल करते हैं, जहां सामान्य चेकिंग के दौरान नजर जाना मुश्किल होता है।

बड़े सरगनाओं की तलाश तेज, खंगाले जा रहे हैं यात्रा रिकॉर्ड्स

“हमारी सतर्कता से तस्करों के मंसूबे नाकाम तो हुए हैं, लेकिन खेल के बड़े खिलाड़ी अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं। हम बंगाल, यूपी और झारखंड की सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इस पूरे रूट और बैकएंड चेन को ध्वस्त करने में जुटे हैं।” RPF अधिकारी, धनबाद

फिलहाल RPF ने मामला दर्ज कर लिया है। तस्करों की पहचान के लिए उस बोगी के पैसेंजर चार्ट (यात्रा रिकॉर्ड) और धनबाद स्टेशन के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाला जा रहा है। इसके साथ ही संदिग्ध मोबाइल नंबरों की ट्रैकिंग भी की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े बड़े चेहरों की गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में छापेमारी की जा सकती है।

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