धनबाद पुलिस का ‘मिशन अमानत’ बना भरोसे की मिसाल: 505 गुम और चोरी हुए मोबाइल लौटाए

धनबाद पुलिस का ‘मिशन अमानत’ बना भरोसे की मिसाल: 505 गुम और चोरी हुए मोबाइल लौटाए, हर महीने की 25 तारीख को होगा वितरण

Dhanbad Police's 'Mission Amanat'
Dhanbad Police’s ‘Mission Amanat’

धनबाद: गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन वापस मिलने की उम्मीद अक्सर लोगों के लिए खत्म हो जाती है, लेकिन धनबाद पुलिस ने इस धारणा को बदलने की दिशा में बड़ी पहल की है। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘मिशन अमानत’ के तहत पुलिस ने 505 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाकर न सिर्फ उनकी मुस्कान वापस दिलाई, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता भी मजबूत किया है।

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शनिवार को आयोजित मोबाइल वितरण समारोह में उपायुक्त आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार ने लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन सौंपे। कई लोगों के लिए यह पल बेहद भावुक रहा, क्योंकि कुछ मोबाइल ऐसे भी थे जो आठ वर्ष पहले खो गए थे और अब जाकर उनके असली मालिकों तक पहुंचे।

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CEIR पोर्टल से मिली बड़ी सफलता

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन की बरामदगी केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की सहायता से देश के विभिन्न राज्यों से की गई। इस पोर्टल के माध्यम से चोरी या गुम हुए मोबाइल की पहचान, ट्रैकिंग और वास्तविक स्वामित्व का सत्यापन आसान हुआ, जिससे बरामदगी की प्रक्रिया को गति मिली।

अधिकारियों का कहना है कि तकनीक के बेहतर उपयोग और समय पर शिकायत दर्ज होने से मोबाइल के दुरुपयोग की संभावना भी कम होती है और उन्हें उनके मालिक तक पहुंचाना आसान हो जाता है।

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आठ साल बाद लौटी अमानत

वितरण समारोह में ऐसे कई लोग भी पहुंचे जिनके मोबाइल कई वर्ष पहले गुम हो चुके थे। जब वर्षों बाद उन्हें उनका फोन वापस मिला तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी। लोगों ने धनबाद पुलिस और जिला प्रशासन के इस प्रयास की खुले दिल से सराहना की और इसे आम जनता के हित में उठाया गया सराहनीय कदम बताया।

हर महीने की 25 तारीख को लौटेंगी उम्मीदें

एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि ‘मिशन अमानत’ का उद्देश्य केवल मोबाइल बरामद करना नहीं, बल्कि उन्हें जल्द से जल्द उनके वास्तविक मालिक तक पहुंचाना भी है। उन्होंने घोषणा की कि अब हर महीने की 25 तारीख को इस तरह का वितरण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा, ताकि लोगों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से बरामदगी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, लोगों का भरोसा मजबूत होगा और मोबाइल चोरी से जुड़े अपराधों पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।

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पुलिस-जनता के रिश्ते को मिली नई मजबूती

‘मिशन अमानत’ का असर केवल मोबाइल लौटाने तक सीमित नहीं रहा। लगातार मोबाइल रिकवरी और समयबद्ध वितरण से आम लोगों का पुलिस पर विश्वास बढ़ा है। अधिकारियों का मानना है कि जब नागरिकों को पुलिस की कार्यशैली पर भरोसा होता है तो वे अपराध की सूचना देने और जांच में सहयोग करने के लिए भी अधिक आगे आते हैं, जिससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलती है।

अंतरराष्ट्रीय मोबाइल चोर गिरोह तक पहुंची जांच

मोबाइल बरामदगी के दौरान पुलिस को एक अंतरराष्ट्रीय मोबाइल चोर गिरोह से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं। इस संबंध में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क का बड़ा खुलासा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

अपराधियों के लिए चेतावनी, नागरिकों के लिए भरोसा

धनबाद पुलिस का यह अभियान मोबाइल चोरी के अवैध कारोबार पर भी करारा प्रहार माना जा रहा है। लगातार बरामदगी और वास्तविक मालिकों तक मोबाइल पहुंचने से चोरी के मोबाइल की खरीद-बिक्री करने वाले नेटवर्क पर दबाव बढ़ेगा। वहीं आम नागरिकों को यह संदेश भी गया है कि यदि समय पर शिकायत दर्ज कराई जाए तो खोई हुई अमानत वापस मिलने की संभावना बनी रहती है।

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