झारखंड बीजेपी को मिला नया प्रदेश अध्यक्ष: आदित्य साहू निर्विरोध चुने गए, 2029 में सरकार बनाने का संकल्प
झारखंड बीजेपी को मिला नया प्रदेश अध्यक्ष: आदित्य साहू निर्विरोध चुने गए, 2029 में सरकार बनाने का संकल्प
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
रांची, 14 जनवरी : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) झारखंड इकाई में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। राज्यसभा सांसद और पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को आज प्रदेश अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुना गया।
केंद्रीय मंत्री और चुनाव प्रभारी जुएल उरांव ने पार्टी के कार्यक्रम में यह औपचारिक घोषणा की।यह फैसला संगठन पर्व के अंतिम चरण में लिया गया, जहां 13 जनवरी को नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई थी।
आदित्य साहू का एकमात्र नामांकन दाखिल होने के कारण उन्हें बिना चुनाव के अध्यक्ष बनाया गया। उनके नामांकन के प्रस्तावकों में पार्टी के दिग्गज नेता जैसे बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, चंपाई सोरेन, समीर उरांव आदि शामिल थे।
कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं ने आदित्य साहू को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व में पार्टी को नई ऊर्जा और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई।
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा का संबोधन
अर्जुन मुंडा ने कहा, “आज का दिन शुभ है। आदित्य साहू जी सरल, सौम्य और संगठन के प्रति ईमानदार हैं। उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और संगठन को मजबूती मिलेगी। राज्य और देश के पार्टी लक्ष्य हासिल होंगे।” उन्होंने चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि 2029 में झारखंड में भाजपा की सरकार बनेगी। साथ ही, झारखंड राज्य के गठन के मूल उद्देश्य को भाजपा जरूर पूरा करेगी।
उन्होंने वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में अपहरण, हत्या और कानून-व्यवस्था चरमरा गई है।
केंद्रीय मंत्री जुएल उराँव का संबोधन
जुएल उराँव ने सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग की सराहना की और कहा, “आदित्य साहू जी के नेतृत्व में झारखंड भाजपा बेहतर प्रदर्शन करेगी।” उन्होंने अपनी चुनावी यादें साझा करते हुए कार्यकर्ताओं से जुड़ाव बढ़ाया।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का संबोधन
बाबूलाल मरांडी ने आदित्य साहू के साथ लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र किया – बूथ स्तर से प्रदेश अध्यक्ष तक। उन्होंने कहा, “भाजपा ने ही झारखंड राज्य बनाया, लेकिन 25 वर्ष बाद भी राज्य उस मुकाम पर नहीं पहुंचा जहां होना चाहिए था।” कार्यकर्ताओं से पार्टी की संगठित ताकत को पहचानने की अपील की। साथ ही, रांची सहित राज्य में चरमराती कानून-व्यवस्था के खिलाफ एसएसपी कार्यालय घेराव का उल्लेख किया।
जाहिर है आदित्य साहू, जो वैश्य (ओबीसी) समुदाय से हैं, ने बूथ स्तर से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी। वे संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं और पार्टी के लिए एक सामान्य कार्यकर्ता के शीर्ष तक पहुंचने का प्रतीक माने जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में भाजपा 2029 विधानसभा चुनाव में वापसी के लिए संगठन को मजबूत करने पर फोकस करेगी, जहां विपक्षी सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया जा रहा है।कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला जारी है।

















