अहमदाबाद विमान हादसा: बोइंग 787 ड्रीमलाइनर क्रैश, 242 सवार यात्री में क्या कोई बच पायेगा , आइये जानते है ड्रीमलाइनर विमान और अब इसपर लगने वाले आरोप को
अहमदाबाद विमान हादसा: बोइंग 787 ड्रीमलाइनर क्रैश, 242 सवार यात्री में क्या कोई बच पायेगा , आइये जानते है ड्रीमलाइनर विमान और अब इसपर लगने वाले आरोप को
डेस्क 12 जून : अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज एक दुखद हादसे ने सबको स्तब्ध कर दिया। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद मेघानी नगर के रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर समेत कुल 242 लोग सवार थे। टेकऑफ के बाद विमान ने MAYDAY कॉल जारी की और एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल से टकराकर ड्रीमलाइनर विमान क्रैश हो गया आइये जानते है इस विमान की खासियत..
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर, एक आधुनिक लंबी दूरी का विमान है, जिसे 2003 में शुरू किया गया और इसकी पहली व्यावसायिक उड़ान 2011 में हुई। अपने उन्नत डिज़ाइन और ईंधन दक्षता के लिए प्रसिद्ध होने के बावजूद, इसने कुछ उल्लेखनीय दुर्घटनाओं और घटनाओं का सामना किया है।
वैसे आज की घटना पर बात करे तो अभी काफी जल्दबाजी होगी बावजूद जानकार तकनीकी खराबी को लेकर संदेह जता रहे हैं ; जैसे कि इंजन में गड़बड़ी या उड़ान नियंत्रण प्रणाली में त्रुटि। कुछ स्रोतों ने बताया कि विमान पूरी तरह ईंधन से भरा था, जिसके कारण टक्कर के बाद आग और विस्फोट हुआ। हालांकि, सटीक कारण की जांच DGCA और NTSB द्वारा की जा रही है।
भारतीय बेड़े में यह बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के 15 साल के इतिहास में पहली घातक दुर्घटना है जिसने बोइंग की सुरक्षा विश्वसनीयता पर नए सवाल खड़े किए।
ड्रीमलाइनर की शुरुआती सेवा में लिथियम-आयन बैटरी से जुड़ी कई घटनाएँ सामने आईं। जनवरी 2013 में, जापान एयरलाइंस के एक बोइंग 787 में बोस्टन में बैटरी में आग लग गई, और एक अन्य घटना में ANA (ऑल निप्पॉन एयरवेज) के 787 को टोक्यो के पास आपात लैंडिंग करनी पड़ी। इन घटनाओं के कारण FAA (Federal Aviation Administration) ने 2013 में सभी 787 विमानों को अस्थायी रूप से उड़ान से रोक दिया था। बाद में बैटरी डिज़ाइन में सुधार किए गए।
2020-2021 में बोइंग 787 के उत्पादन में गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े मुद्दे सामने आए, जिसमें असेंबली के दौरान अनुचित फिटिंग और संरचनात्मक खामियाँ शामिल थीं। इनके कारण डिलीवरी में देरी हुई और कुछ विमानों की गहन जाँच की गई। हालांकि, इन समस्याओं से कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई, लेकिन बोइंग की प्रतिष्ठा पर असर पड़ा।
ड्रीमलाइनर के परिचालन के दौरान कई छोटी तकनीकी समस्याएँ, जैसे सॉफ्टवेयर गड़बड़ियाँ, इंजन समस्याएँ (विशेषकर रोल्स-रॉयस ट्रेंट 1000 इंजन में ब्लेड टूटने की घटनाएँ), और सेंसर त्रुटियाँ सामने आईं। इनमें से अधिकांश को आपात लैंडिंग या रखरखाव के माध्यम से हल किया गया, और कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई।
2025 के अहमदाबाद हादसे से पहले, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का सुरक्षा रिकॉर्ड अपेक्षाकृत मजबूत था, क्योंकि इसकी कोई घातक दुर्घटना नहीं हुई थी। इसकी तुलना में बोइंग 737 मैक्स की दो घातक दुर्घटनाएँ (2018 और 2019) अधिक चर्चित रही थीं।
अहमदाबाद दुर्घटना ने बोइंग के लिए एक बड़ी चुनौती पेश की है, विशेषकर 737 मैक्स हादसों के बाद। X पर कई उपयोगकर्ताओं ने बोइंग की सुरक्षा और कॉर्पोरेट प्रथाओं पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि बोइंग ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन इस हादसे से सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजिमी है।

















