झारखंड में प्रोमोशन में भेदभाव और देरी पर बाबूलाल मरांडी का तीखा हमला, बोले – लापरवाह और तानाशाह अफसर मनमर्जी से चला रहे राज्य
रांची : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य के कुछ भ्रष्ट, तानाशाह और लापरवाह पदाधिकारी कानून को ताक पर रखकर अपनी मनमर्जी से राज्य चला रहे हैं। उन्होंने प्रोमोशन और पोस्टिंग में हो रही देरी व भेदभाव को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा, “यह अत्यंत दुखद और अफसोसजनक है कि झारखंड में कुछ अधिकारी ऐसा व्यवहार कर रहे हैं मानो सारे कानून-नियम और सुविधाएं सिर्फ उनके निजी लाभ के लिए बने हों। पुलिस विभाग में डीएसपी बने अधिकारियों की पोस्टिंग महीनों तक लटकाकर रखी जाती है। कई बार तो रिटायरमेंट के मात्र 2-4 दिन पहले पोस्टिंग होती है, जिससे उन्हें प्रमोशन का वास्तविक लाभ ही नहीं मिल पाता।”
उन्होंने छोटे कर्मचारियों की स्थिति को और भी बदतर बताया। उनके अनुसार, “निचले स्तर के कर्मचारियों के प्रमोशन की फाइलें वर्षों तक विभागीय जटिलताओं में फंसी रहती हैं। कोर्ट का आदेश लेकर आने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिलता। वहीं आईएएस और आईपीएस अधिकारी अपने प्रमोशन व लाभ को समय से महीनों पहले सुनिश्चित कर लेते हैं। यह दोहरा मापदंड और स्पष्ट भेदभाव है।”
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य भर में घूमते हुए दर्जनों कर्मचारी उनसे मिलकर इस अन्याय की शिकायत करते हैं और उनमें भारी असंतोष व्याप्त है।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कड़ी मांग की है कि प्रमोशन और उसके लाभ की प्रक्रिया में आईएएस/आईपीएस तथा राज्य कर्मचारियों के बीच चल रहे छोटे-बड़े के भेदभाव पर तुरंत रोक लगाई जाए। पूरी व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और सभी के लिए समान बनाया जाए।



















