बिहार चुनावी हलचल: तेज प्रताप यादव को Y+ सुरक्षा, BJP के रवि किशन से नजदीकी पर सियासी अटकलें तेज

बिहार चुनावी हलचल: तेज प्रताप यादव को Y+ सुरक्षा, BJP के रवि किशन से नजदीकी पर सियासी अटकलें तेज

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पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के बीच राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के संस्थापक तेज प्रताप यादव को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी है। इस सुरक्षा के तहत अब वे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 11 सशस्त्र कमांडो के घेरे में रहेंगे। यह फैसला बिहार चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले आया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं।

Y+ सुरक्षा का क्या मतलब है?

Y+ श्रेणी की सुरक्षा VIP प्रोटेक्शन लिस्ट के तहत दी जाती है, जिसमें कुल 11 कमांडो तैनात किए जाते हैं। इनमें से 5 जवान आवासीय सुरक्षा के लिए और 6 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) तीन शिफ्टों में 24 घंटे कवर प्रदान करते हैं। बुलेटप्रूफ वाहन और इंटेलिजेंस सपोर्ट भी शामिल है। गृह मंत्रालय के आदेश के बाद CRPF की टीम पहले ही बिहार में तैनात हो चुकी है।

सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में तेज प्रताप की सुरक्षा का आकलन किया था और गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में चुनावी माहौल, बढ़ती आपराधिक घटनाओं और संभावित खतरों का जिक्र था। तेज प्रताप ने खुद मोकामा में दुलार चंद यादव की हत्या का हवाला देते हुए अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था, “बिहार के मौजूदा हालात आप देख ही सकते हैं। एक के बाद एक हत्याएं हो रही हैं। कोई नहीं जानता कि कब और कहां कोई दुश्मन सामने आ जाए।”

RJD से निष्कासन के बाद JJD की कमान

तेज प्रताप यादव को मई 2025 में RJD से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। परिवार और पार्टी से दूरी के बाद उन्होंने जनशक्ति जनता दल (JJD) का गठन किया और बिहार चुनाव में महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। निष्कासन का कारण उनकी कथित ‘अनुशासनहीनता’ और सोशल मीडिया पर विवादास्पद पोस्ट बताया गया था। JJD के संस्थापक के रूप में वे बेरोजगारी और अपराध जैसे मुद्दों पर मुखर हैं, लेकिन उनकी बयानबाजी अक्सर सुर्खियां बटोरती है।

रवि किशन से मुलाकात: BJP की ओर झुकाव?

इस सुरक्षा फैसले से ठीक एक दिन पहले तेज प्रताप पटना एयरपोर्ट पर BJP सांसद रवि किशन के साथ नजर आए। यह उनकी 24 घंटों के अंदर दूसरी मुलाकात थी। तेज प्रताप ने कहा, “पहली बार रवि किशन से मुलाकात हुई। ये भगवान के भक्त हैं, हम भी भक्त हैं। मैंने शुरू से कहा है कि जो बेरोजगारी मिटाएगा और रोजगार देगा, मैं उसके साथ हूं।” रवि किशन ने भी उनकी तारीफ की “इनके हृदय को सब लोग बहुत प्रेम कर रहे हैं। ये दिल वाले इंसान हैं। भोलेनाथ के भक्त हैं। भाजपा सेवा करने वालों का स्वागत करती है।”

इस मुलाकात ने सियासी हलचल मचा दी। विपक्षी दलों में यह चर्चा है कि तेज प्रताप का BJP या NDA की ओर झुकाव हो सकता है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह सुरक्षा कदम भी इसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, गृह मंत्रालय ने इसे शुद्ध रूप से सुरक्षा आधारित बताया है, और किसी भी राजनीतिक पक्ष से आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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