भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने सिलदीरी में लापता कन्हैया कुमार के परिजनों से की मुलाकात, प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम
रांची : झारखंड में बढ़ते बच्चा अपहरण और लापता होने के मामलों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने आज ग्राम सिलदीरी (ओरमांझी प्रखंड, शंकर घाट क्षेत्र) पहुंचकर 22 नवंबर 2025 से लापता 12 वर्षीय मासूम कन्हैया कुमार के परिजनों से मुलाकात की। यह घटना अब 55 दिनों से अधिक पुरानी हो चुकी है, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आदित्य साहू ने परिवार को ढांढस बंधाया और मानवीय संवेदना के तहत खाद्य सामग्री, कंबल जैसी आवश्यक राहत सामग्री प्रदान की। साथ ही, कन्हैया के बड़े भाई के स्वास्थ्य इलाज (किडनी संबंधी) के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की सहायता राशि देने की घोषणा की, ताकि परिवार इस कठिन दौर में कुछ संबल पा सके।
परिवार की पीड़ा और प्रशासन की लापरवाही
परिवार के अनुसार, कन्हैया शाम को फुचका दुकान पर हाथ बंटाने के बाद लापता हो गया था। पुलिस ने शिकायत के 18 दिन बाद ही अपहरण का केस दर्ज किया। श्री साहू ने कहा कि राज्य में विधि-व्यवस्था की स्थिति बदतर है। पुलिस प्रशासन आम जनता, खासकर गांव-गरीबों की चिंता नहीं करता। एक तरफ जल, जंगल और जमीन की लूट मची है, तो दूसरी ओर बच्चा चोर और अपहरण गैंग सक्रिय हैं। झारखंड पहले से ही चाइल्ड ट्रैफिकिंग का शिकार रहा है।
लापता बच्चों के आंकड़े चिंताजनक
पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में सैकड़ों बच्चे लापता हो चुके हैं, जिनमें से कई का कोई सुराग नहीं मिला। हाल के मामलों में धुर्वा से लापता अंश और अंशिका की बरामदगी मीडिया, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बजरंग दल जैसे संगठनों के प्रयासों से संभव हुई। लेकिन कन्हैया के मामले में प्रशासन अब तक असफल है।
रांची एसएसपी से बात, 7 दिन का अल्टीमेटम
श्री साहू ने रांची एसएसपी से फोन पर बात कर कन्हैया की तत्काल खोज-बरामदगी की मांग की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी “यदि एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो रांची बंद आहूत किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार का मुद्दा नहीं, बल्कि न्याय, संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का प्रश्न है। मासूम कन्हैया को न्याय दिलाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। जब तक न्याय नहीं, संघर्ष जारी रहेगा।

















