बोकारो में दर्दनाक हादसा: क्रिकेट मैच देखते समय गिरी बिजली, 21 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत
बोकारो: जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। बाबुडीह पंचायत के बाबुडीह गांव में क्रिकेट मैच देख रहे 21 वर्षीय युवक अमित कुमार महतो की वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।
पेड़ के नीचे छिपना पड़ा जानलेवा
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे गांव के मैदान में कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। अमित कुमार महतो (पिता: भुवन चंद्र महतो) मैदान के किनारे खड़े होकर मैच देख रहे थे। अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए अमित दौड़कर पास के एक पेड़ के नीचे जा खड़ा हुआ। तभी तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और अमित उसकी चपेट में आ गया। बिजली गिरने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया।
गांव में पसरा मातम, मुआवजे की मांग
घटना के तुरंत बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, परिजनों ने उसे बचाने की कोशिश की और अस्पताल ले जाने की तैयारी की, लेकिन तब तक अमित की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पिंडराजोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
अमित की अचानक हुई मौत से पूरे बाबुडीह गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आपदा राहत कोष के तहत पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा देने की मांग की है।
सावधानी: वज्रपात (आकाशीय बिजली) से कैसे बचें?
खराब मौसम के दौरान सुरक्षित रहने के लिए प्रशासन द्वारा जारी निम्नलिखित निर्देशों का पालन करें:
पेड़ के नीचे न खड़े हों: बारिश के दौरान कभी भी अकेले या ऊंचे पेड़ के नीचे न छिपें, यह बिजली को आकर्षित करते हैं।
खुले मैदान से बचें: यदि आप खुले मैदान या खेल के मैदान में हैं, तो तुरंत वहां से हटकर पक्के मकान के अंदर जाएं।
धातु की वस्तुओं से दूरी: बारिश के दौरान मोबाइल फोन, छाता (जिसमें धातु का डंडा हो) या अन्य धातु की वस्तुओं का उपयोग न करें।
पानी से दूर रहें:बिजली कड़कने के दौरान तालाब, नदी या किसी भी जलस्रोत से दूर रहें।
सुरक्षित मुद्रा (Lightning Crouch): यदि आप ऐसी जगह फंस गए हैं जहां कोई सुरक्षित स्थान नहीं है, तो अपने दोनों पैरों को जोड़कर बैठ जाएं, अपने सिर को घुटनों के बीच रखें और हाथों को कानों पर ढंक लें। जमीन पर लेटें नहीं।

















