झारखंड में RTI आयोग को पंगु बनाकर कांग्रेस दे रही पारदर्शिता का उपदेश: प्रतुल शाह देव

रांची : सूचना के अधिकार (RTI) कानून के 20 वर्ष पूरे होने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कांग्रेस पर झारखंड में सूचना आयोग को पिछले साढ़े पांच वर्षों से निष्क्रिय रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि पारदर्शिता की बात करने वालों को पहले अपने शासनकाल के भ्रष्टाचार का आईना देखना चाहिए।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि कांग्रेस नेता केशव महतो कमलेश ने RTI कानून पर लंबा-चौड़ा उपदेश दिया, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि हेमंत सोरेन सरकार, जिसमें कांग्रेस का सहयोग है, ने झारखंड सूचना आयोग को साढ़े पांच वर्षों से क्यों पंगु बना रखा है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2019 में मुख्य सूचना आयुक्त आदित्य स्वरूप के सेवानिवृत्त होने के बाद से आयोग में कोई नियुक्ति नहीं हुई है। अंतिम सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर चौधरी का कार्यकाल मई 2020 में समाप्त होने के बाद आयोग पूरी तरह निष्क्रिय हो गया। इस कारण 16,000 से अधिक अपीलें लंबित पड़ी हैं, और नागरिकों को सूचना प्राप्त करने में भारी कठिनाई हो रही है।

प्रतुल ने कहा, “कांग्रेस के सहयोग से चल रही हेमंत सरकार में भ्रष्टाचार इतना हावी है कि सूचना आयोग के सक्रिय होने से और घोटालों की परतें खुल जातीं, जिसे यह सरकार बर्दाश्त नहीं कर सकती। RTI की 20वीं जयंती पर प्रेस वार्ता करने वाले नेता ने खुद यह नहीं बताया कि उन्होंने झारखंड में इस कानून को दफन क्यों कर दिया?” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कहा कि आयोग की खाली पड़ी सीटें RTI कानून को कमजोर कर रही हैं, फिर भी राज्य सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया।

भाजपा नेता ने कांग्रेस के केंद्रीय शासनकाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि RTI लागू तो यूपीए सरकार ने किया, लेकिन इसका सबसे ज्यादा दुरुपयोग और दमन भी इन्हीं ने किया। जब जनता ने 2G, कोयला, कॉमनवेल्थ, नेशनल हेराल्ड जैसे घोटालों, सोनिया गांधी के विदेशी ट्रस्ट और कांग्रेस-चीन कम्युनिस्ट पार्टी के बीच डील की जानकारी RTI से मांगी, तो कांग्रेस नेताओं ने अदालतों में जाकर सूचना रोकने के आवेदन दिए। व्हिसल ब्लोअर एक्ट पारित करने के बावजूद इसे 2014 तक लागू नहीं किया गया, क्योंकि कांग्रेस पारदर्शिता से डरती थी।

प्रतुल शाह देव ने कहा, “पारदर्शिता और जवाबदेही पर बोलने का नैतिक अधिकार कांग्रेस ने बहुत पहले खो दिया है। जिस पार्टी के राज में देश 2G, जीजाजी, कोयला, कॉमनवेल्थ, नेशनल हेराल्ड जैसे घोटालों से शर्मसार हुआ, वह आज उपदेश दे रही है—यह सबसे बड़ा मजाक है।”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की तारीफ की। कहा कि मोदी जी ने ‘मैक्सिमम गवर्नेंस, मिनिमम गवर्नमेंट’ का युग लाया है। RTI ऑनलाइन पोर्टल, डिजिटल इंडिया, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), ई-गवर्नेंस और पब्लिक ग्रिवांस जैसे प्लेटफॉर्मों से जनता को सीधे सरकार तक पहुंच मिली है। पहले कांग्रेस राज में फाइलें तिजोरियों में बंद रहती थीं, आज हर फाइल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जनता की नजर में है। DBT से 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि सीधे गरीबों के खातों में पहुंची, जिससे बिचौलियों का सफाया हो गया—यह वही पारदर्शिता है, जिससे कांग्रेस हमेशा भागती रही।

प्रतुल ने कहा कि मोदी सरकार ने शासन को जनभागीदारी और जवाबदेही पर आधारित बनाया है। वहीं, झारखंड में कांग्रेस-JMM गठबंधन भ्रष्टाचार के दलदल में डूबा हुआ है। उन्होंने जनता से अपील की कि RTI जैसे कानूनों को मजबूत करने के लिए भाजपा को समर्थन दें।

















