चतरा एनकाउंटर: 50 हजार के इनामी कुख्यात अपराधी उत्तम यादव ढेर, वीडियो जारी कर पुलिस को दे चुका था खुली चुनौती

झारखंड के चतरा जिले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई में बिहार सरकार का 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी उत्तम यादव पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। सिमरिया थाना क्षेत्र के जबड़ा इलाके में हुई इस मुठभेड़ में चतरा और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त टीम ने अपराधी को घेर लिया था। उत्तम यादव, जो ‘टाइगर ग्रुप’ नामक अपराधिक गिरोह का सरगना था, ने पिछले कुछ महीनों में कई अपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर सुर्खियां बटोरीं थीं।
शनिवार शाम को पुलिस को उत्तम यादव के छिपने के ठिकाने की सूचना मिली। बगरा मार्ग पर घेराबंदी के दौरान अपराधी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें उत्तम को छाती, पेट और जांघ में गोली लगी। मृत्यु के बाद उसके शव को चतरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम के लिए दंडाधिकारी की प्रतिनिधिति और अनुमति ली जा रही है, और देर रात तक यह प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।
चतरा पुलिस के अधिकारियों ने एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए बताया कि उत्तम पर चतरा-हजारीबाग समेत झारखंड-बिहार के विभिन्न थानों में दर्जनों मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, रंगदारी, फायरिंग और अन्य अपराध शामिल हैं।
उत्तम यादव कोई साधारण अपराधी नहीं था। लगभग दो महीने पहले, उसने एक वीडियो जारी कर चतरा और हजारीबाग जिले के व्यापारियों को रंगदारी और लेवी वसूलने की धमकी दी थी। वीडियो में हाथ में AK-47 राइफल लहराते हुए वह पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देता नजर आया। उसने कहा था, “अगर कोई व्यापारी संपर्क नहीं करेगा, तो गोली खाने के लिए तैयार रहें।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद वह दोनों जिलों की पुलिस के रडार पर आ गया।
गत महीने हजारीबाग के बाड़म बाजार स्थित श्री ज्वेलर्स पर दिनदहाड़े हुई फायरिंग की घटना भी उत्तम यादव गिरोह का ही कारनामा था। दो नकाबपोश बदमाशों ने दुकान पर सात राउंड गोली चलाई, जिसमें दुकान का गेट छलनी हो गया। इस घटना की जिम्मेदारी उत्तम ने ही ली थी। पुलिस ने बाद में गिरोह के नौ सदस्यों, जिनमें ‘साइको टाइगर’ उर्फ शक्ति गिरी शामिल था, को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, जुलाई और अगस्त में भी उत्तम गिरोह के चार-चार शूटर हथियारों सहित पकड़े गए थे।
उत्तम चतरा शहर के सुरही मोहल्ला का निवासी था और उत्तरी छोटानागपुर के उभरते गैंगस्टर के रूप में जाना जाता था। उसके गिरोह ने कोयला, बालू और अन्य कारोबारियों को निशाना बनाया था।

इस एनकाउंटर को झारखंड पुलिस की अपराध के खिलाफ सख्ती की मिसाल माना जा रहा है। हाल ही में अमन साहू जैसे अन्य अपराधियों के एनकाउंटर के बाद उत्तम का खात्मा अपराधियों में दहशत पैदा कर रहा है। चतरा एसपी और हजारीबाग पुलिस ने कहा कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

















