सीएम हेमंत सोरेन का पीएम मोदी पर आरोप उन्होंने केवल अपनें मन की बात की उनकी बात सुनी, बीजेपी नेताओं नें किया पलटवार.

सीएम हेमंत सोरेन का पीएम मोदी पर आरोप उन्होंने केवल अपनें मन की बात की उनकी बात सुनी, बीजेपी नेताओं नें किया पलटवार.

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बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी लगातार सभी मुख्यमंत्रियों से बात कर रहे हैं और कोरोना के बढ़ते संक्रमण को कैसे रोका जाए इसपर चर्चा हो रही है, इसी कड़ी में कल पीएम मोदी नें झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से फोन पर बात की, लेकिन फोन पर हुई बातचीत के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नें ट्वीट कर पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने केवल अपनें मन की बात की उनकी बात सुनी ही नहीं।

सीएम हेमंत सोरेन का पीएम मोदी पर आरोप उन्होंने केवल अपनें मन की बात की उनकी बात सुनी, बीजेपी नेताओं नें किया पलटवार.

हेमंत सोरेन के इस ट्वीट के बाद प्रदेश और केंद्र के बीजेपी नेताओं के निशाने पर हेमंत सोरेन आ गये। देशभर के बीजेपी नेताओं के साथ साथ प्रदेश के नेताओं ने भी हेमंत सोरेन के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हेमंत सोरेन नें मुख्यमंत्री पद की गरिमा गिरा दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयान पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद दीपक प्रकाश, विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी समेत कई सांसदों और विधायकों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

सीएम हेमंत सोरेन का पीएम मोदी पर आरोप उन्होंने केवल अपनें मन की बात की उनकी बात सुनी, बीजेपी नेताओं नें किया पलटवार.

सीएम हेमंत सोरेन का पीएम मोदी पर आरोप उन्होंने केवल अपनें मन की बात की उनकी बात सुनी, बीजेपी नेताओं नें किया पलटवार.

सीएम हेमंत सोरेन का पीएम मोदी पर आरोप उन्होंने केवल अपनें मन की बात की उनकी बात सुनी, बीजेपी नेताओं नें किया पलटवार.

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा नें ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री ने तो आपको फोन किया कि कोरोना से कैसे लड़ा जाये और भारत सरकार सबके साथ है, लेकिन आपने आभार व्यक्त करने की बजाय उनकी आलोचना की। प्रधानमंत्री जी ने अपना बड़प्पन दिखाया. लेकिन आपने अपनी और मुख्यमंत्री पद की गरिमा गिरा दी। बीजेपी आईटी सेल चीफ अमित मालवीय नें कहा कि।जो आपको मन की बात लगी वो काम की बात ही थी। आपकी जगह कोई और भी मुख्यमंत्री होता तो भी प्रधानमंत्री फ़ोन करते, क्योंकि झारखंड की जनता का सुख और सलामती सर्वोपरि है। प्रदेश में लोग अव्यवस्था से मर रहे हैं, और इन्हें कलाबाज़ी सूझ रही है, अपने दायित्व का एहसास ही नहीं है।

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