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पेसा कानून 2025 की मंजूरी पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न, योजनाएं कागजों में नहीं, गांव की चौपालों से तय होंगी: विधायक भूषण बाड़ा

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा : झारखंड कैबिनेट द्वारा पेसा (पंचायती राज विस्तार अनुसूचित क्षेत्र अधिनियम) नियमावली 2025 को मंजूरी दिए जाने पर सिमडेगा जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। इस ऐतिहासिक फैसले की खुशी में गुरुवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष सह विधायक भूषण बाड़ा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया और एक-दूसरे को मिठाइयां बांटीं।

विधायक भूषण बाड़ा ने कहा, “योजनाएं अब कागजों में नहीं, गांव की चौपालों से तय होंगी। पेसा कानून आदिवासी समाज को अपने जल-जंगल-जमीन और संसाधनों पर निर्णय लेने की शक्ति देता है। विपक्ष लंबे समय से इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीति करता रहा, जबकि महागठबंधन सरकार ने इसे अमल में लाकर आदिवासी अधिकारों को मजबूत किया है।” उन्होंने बताया कि 1996 में लागू पेसा कानून देश के 10 राज्यों पर लागू होता है, लेकिन झारखंड और ओडिशा को छोड़कर अन्य आठ राज्यों ने वर्षों पहले अपनी नियमावली लागू कर दी थी। अब झारखंड के 15 अनुसूचित जिलों में ग्राम सभाएं सशक्त होंगी, स्थानीय भागीदारी बढ़ेगी और विकास को नई गति मिलेगी।

कांग्रेस महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा ने इसे आदिवासी समाज, विशेषकर महिलाओं के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, “अब सरकार जनता के अनुसार चलेगी और विकास की दिशा गांव से तय होगी। पेसा से ग्राम सभाओं में महिलाओं की निर्णायक भूमिका होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और पलायन रुकेगा। यह आदिवासी महिलाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाएगा।”

जश्न में विधायक प्रतिनिधि संतोष सिंह, मनोज जयसवाल, अक्षन खान, शकील अहमद, शिव केसरी, सलमान खान, तनवीर अहमद, प्रतिमा कुजूर, शोभेन तिग्गा, मंजू देवी, संगीता देवी, सुचित्रा तिर्की, उत्तम सिंह, रतन प्रसाद सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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