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इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हाहाकार: 3 से 5 लोगों की मौत, 1000 से अधिक बीमार

इंदौर : देश के सबसे स्वच्छ शहर के तमगे वाले इंदौर में दूषित पेयजल ने बड़ा संकट पैदा कर दिया है। भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा जल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज के कारण ड्रेनेज का गंदा पानी मिल गया, जिससे सैकड़ों लोग उल्टी-दस्त और पेट दर्द की चपेट में आ गए।

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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अब तक कम से कम 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की सर्वे रिपोर्ट में 1000 से अधिक लोग प्रभावित पाए गए हैं। इनमें से 111 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। स्थानीय निवासियों और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि मौतों की संख्या 5 से 7 तक हो सकती है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी 3 मौतों की पुष्टि की है। मृतकों में एक बुजुर्ग नंदलाल पाल (75) और दो महिलाएं शामिल हैं।

कारण: शौचालय के नीचे फूटी मुख्य पाइपलाइन 

नगर निगम की जांच में पता चला कि भागीरथपुरा पुलिस चौकी से लगे सार्वजनिक शौचालय के नीचे नर्मदा की मुख्य जल लाइन में लीकेज था। इससे ड्रेनेज का दूषित पानी पीने के पानी में मिल गया। इलाके में 24-25 दिसंबर से पानी में अजीब गंध और स्वाद की शिकायतें आ रही थीं, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई।

प्रशासन की कार्रवाई  

प्रशासन ने नर्मदा जल आपूर्ति पूरी तरह रोक दी गई है। पूरे इलाके में टैंकरों से साफ पानी की सप्लाई शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता और सभी मरीजों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 2700 घरों में 12,000 से अधिक लोगों का सर्वे किया, जिसमें 1146 लोगों को हल्के लक्षणों पर दवा दी गई। वहीं नगर निगम आयुक्त ने क्षेत्र का दौरा कर पानी के 70 से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।

स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार अव्वल रहने वाले इंदौर के लिए यह घटना बड़ा कलंक साबित हो रही है। प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन निवासियों में गुस्सा और डर बना हुआ है। पानी के टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

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