रातू रोड फ्लाईओवर के नामकरण को लेकर रांची में सियासी घमासान,राजनीतिक विश्लेषक हिमांशु कुमार ने फ्लाईओवर का नाम पूर्व समाजसेवी और राजनेता विनोद बिहारी महतो के नाम पर करने की मांग उठाई
रातू रोड फ्लाईओवर के नामकरण को लेकर रांची में सियासी घमासान
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रांची, 15 जून : झारखंड की राजधानी रांची में रातू रोड पर निर्मित बहुप्रतीक्षित एलिवेटेड फ्लाईओवर के उद्घाटन से पहले इसका नामकरण विवादों के केंद्र में आ गया है। 19 जून को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा उद्घाटन से पहले इस फ्लाईओवर के नाम को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषक हिमांशु कुमार ने फ्लाईओवर का नाम पूर्व समाजसेवी और राजनेता विनोद बिहारी महतो के नाम पर करने की मांग उठाई है।
बिनोद बिहारी वर्ष 1980 में अविभाजित बिहार में टुंडी सीट से जीत कर पहली बार विधायक बने. वर्ष 1985 में सिंदरी सीट से जीत कर दुबारा तथा वर्ष 1990 में फिर टुंडी से जीत कर लगातार तीसरी बार विधायक बने. वर्ष 1991 के लोकसभा चुनाव में गिरिडीह संसदीय क्षेत्र से जीत कर पहली बार सांसद बने. उनका निधन 18 दिसंबर 1991 को हो गया. बाद में गिरिडीह लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में उनके बड़े पुत्र राजकिशोर महतो जीते और सांसद बने.
बिनोद बिहारी महतो ने वर्ष 1972 में सीपीएम से इस्तीफा दे दिया. 4 फरवरी 1973 को झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना हुई. झामुमो की स्थापना में दिशोम गुरु शिबू सोरेन व धनबाद के पूर्व सांसद एके राय भी उनके साथ थे. श्री महतो लगभग एक दशक 1983 तक झामुमो के अध्यक्ष रहे. अलग झारखंड राज्य की लड़ाई को धार दी.
उनके इस प्रस्ताव के बाद से नामकरण को लेकर बहस छिड़ गई। दूसरी ओर, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस ने एकजुट होकर इस फ्लाईओवर का नाम झारखंड आंदोलन के नायक और झामुमो के संस्थापक शिबू सोरेन के नाम पर रखने की अपील की है।
झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कहा, “शिबू सोरेन ने झारखंड के लिए जो बलिदान और संघर्ष किया, वह अतुलनीय है। इस फ्लाईओवर का नाम उनके नाम पर करना न सिर्फ उनके योगदान का सम्मान होगा, बल्कि यह झारखंड की जनता की भावनाओं का भी प्रतिनिधित्व करेगा।” वहीं, कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा, “शिबू सोरेन झारखंड के सर्वमान्य नेता हैं। उनके नाम पर नामकरण से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।”
इसके अलावा, कुड़मी समाज ने भी इस फ्लाईओवर का नाम रघुनाथ महतो के नाम पर करने की मांग उठाई है। समाज के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से इस संबंध में अपील की है।
यह फ्लाईओवर, जिसकी लंबाई 4.17 किलोमीटर है और निर्माण लागत करीब 291 करोड़ रुपये है, रातू रोड पर पिछले चार दशकों से लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। हालांकि, सिरमटोली फ्लाईओवर के रैंप निर्माण को लेकर पहले ही सरना स्थल के पास आदिवासी संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे कार्तिक उरांव के नाम पर समर्पित किया था।
नामकरण का यह विवाद अब सियासी रंग ले चुका है, और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। विश्लेषकों का मानना है कि उद्घाटन से पहले यह मुद्दा और गर्मा सकता है, जिसका असर झारखंड की राजनीति पर पड़ सकता है।
















