20250803 160507

झारखंड के गोला प्रखंड में उफनती गोमती नदी पार कर अंतिम संस्कार को मजबूर दलित-आदिवासी समाज

रामगढ़ : आजादी के 75 वर्षों बाद भी झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड के दर्जनों गांवों के दलित और आदिवासी समुदाय के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। गोमती नदी के किनारे बसे इन गांवों के लोगों को शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए उफनती नदी को कमर तक पानी में डूबकर पार करना पड़ता है, क्योंकि नदी पर अभी तक कोई पुल नहीं बन सका है। यह स्थिति न केवल ग्रामीणों की पीड़ा को उजागर करती है, बल्कि झारखंड सरकार के विकास के दावों की पोल भी खोलती है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

नदी पार करने की मजबूरी, जान जोखिम में डालकर अंतिम संस्कार

गोला प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों के निवासियों को श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए गोमती नदी को पार करना पड़ता है। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। ग्रामीणों को शव को कंधे पर उठाकर या खटिया के सहारे कमर तक पानी में उतरकर नदी पार करनी पड़ती है। इस जोखिम भरे सफर में कई बार दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की अनदेखी के कारण उन्हें यह अमानवीय स्थिति झेलनी पड़ रही है।

पुल निर्माण की मांग, सरकार पर उपेक्षा का आरोप

स्थानीय दलित और आदिवासी समुदाय ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए गोमती नदी पर शीघ्र पुल निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इस समस्या के समाधान के लिए गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले। एक ग्रामीण, रामू मुंडा ने बताया, “हमारी मजबूरी है कि हमें अपने अपनों का अंतिम संस्कार करने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ती है। सरकार विकास की बात करती है, लेकिन हमारे गांवों तक उसका कोई असर नहीं पहुंचा।”

विकास के दावों पर सवाल

झारखंड सरकार जहां एक ओर विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं गोला प्रखंड की यह तस्वीर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाती है। गोमती नदी पर पुल निर्माण की मांग दशकों पुरानी है, लेकिन न तो वर्तमान सरकार और न ही पूर्ववर्ती सरकारों ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए। 2020 में गोला रजरप्पा मोड़ के पास गोमती नदी पर एक अधूरे पुल के निर्माण की खबर आई थी, जिसके लिए 1.05 करोड़ रुपये की लागत से टेंडर भी जारी हुआ था। हालांकि, यह प्रोजेक्ट अभी तक पूरा नहीं हो सका, और स्थानीय लोगों को अब तक इंतजार है।

ग्रामीणों की मांग, तत्काल हो कार्रवाई

गोला प्रखंड के ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि गोमती नदी पर जल्द से जल्द एक मजबूत पुल का निर्माण किया जाए, ताकि नदी पार करने की यह खतरनाक प्रक्रिया खत्म हो सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

Share via
Share via