चतरा में पेयजल संकट पर बड़ा एक्शन: DC रवि आनंद की पहल, 154 पंचायतों में ‘विशेष पखवाड़ा’ शुरू
चतरा में पेयजल संकट पर बड़ा एक्शन: DC रवि आनंद की पहल, 154 पंचायतों में ‘विशेष पखवाड़ा’ शुरू
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By Navin kumar
चतरा: भीषण गर्मी की आहट के साथ ही चतरा जिला प्रशासन ने पेयजल संकट से निपटने के लिए कमर कस ली है। उपायुक्त (DC) रवि आनंद के निर्देश पर जिले की सभी 154 पंचायतों में 24 अप्रैल से 11 मई तक विशेष “पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा” का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को पानी की किल्लत से निजात दिलाना और बंद पड़े जलस्रोतों को रिकॉर्ड समय में चालू करना है।
24 घंटे में काम शुरू, 48 घंटे में मरम्मत
उपायुक्त ने इस अभियान को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि फील्ड आधारित अभियान होगा।
त्वरित समाधान: बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित की जाएगी।
फ्लाइंग स्क्वाड: पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को विशेष नोडल पदाधिकारी बनाया गया है, जो 24 घंटे के भीतर नई योजनाओं पर काम शुरू कराएंगे।
कंट्रोल रूम: आम जनता की शिकायतों के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है ( मोबाइल: 9117619352, लैंडलाइन: 06541-253219 )।
Chatra Water Task Force’ से होगी डिजिटल निगरानी
अभियान में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। जिला स्तर पर एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जहाँ हर निरीक्षण की जियो-टैग (Geo-tagged) तस्वीरें और रिपोर्ट प्रतिदिन शाम 5 बजे तक अपलोड करनी होगी। उपायुक्त स्वयं इस डिजिटल डैशबोर्ड की निगरानी करेंगे।
पंचायत स्तर पर संयुक्त जांच दल का गठन
हर पंचायत में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ बैठक करने के लिए विशेष जांच दलों का गठन किया गया है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को अपने-अपने क्षेत्र का नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
> डीसी का निर्देश: “निरीक्षण से पूर्व सभी खराब चापाकलों, सूखे कुओं और बंद जलमीनारों की वार्डवार सूची अनिवार्य है, ताकि ऑन-स्पॉट समाधान किया जा सके।”
सिर्फ पानी ही नहीं, समग्र विकास पर फोकस
यह पखवाड़ा केवल पेयजल तक सीमित नहीं रहेगा। ग्राम सभाओं के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पशुपालन और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का भी चयन किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य जनभागीदारी के माध्यम से स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
लापरवाही पर गिरेगी गाज
उपायुक्त रवि आनंद ने चेतावनी दी है कि यह अभियान आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005** के तहत संचालित हो रहा है। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी ड्यूटी में लापरवाही बरतता है या बिना अनुमति गायब रहता है, तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कहाँ-कहाँ लगेंगे शिविर?
अभियान के पहले दिन (24 अप्रैल) चतरा के लेम-जांगी, गिद्धौर, हंटरगंज के जोलडीहा, टंडवा के राहम-मिश्रौल समेत जिले की विभिन्न पंचायतों और नगर परिषद के वार्डों में शिविर आयोजित किए जाएंगे ।















