रांची में लापता मासूम भाई-बहन अंश-अंशिका: 9वें दिन भी नहीं मिला सुराग, जनाक्रोश चरम पर – कल HEC औद्योगिक क्षेत्र में बंद
झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र अंतर्गत मौसीबाड़ी खटाल से 2 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे गायब हुए 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। दोनों बच्चे घर के पास दुकान से बिस्किट लेने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिवार ने तुरंत धुर्वा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, लेकिन 9 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की व्यापक तलाश (SIT की 8 टीमें, बिहार-यूपी तक अभियान, फोरेंसिक और डॉग स्क्वॉड) बेनतीजा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जनाक्रोश और विरोध प्रदर्शन
परिवार, स्थानीय निवासियों और अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति में भारी रोष व्याप्त है। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए समाजसेवी और राजद नेता कैलाश यादव के नेतृत्व में 10 जनवरी को मौसीबाड़ी खटाल से भारी संख्या में मशाल जुलूस निकाला गया। हजारों लोग शामिल हुए, जो झोपड़ी मार्केट, सेक्टर 2 मार्केट और पुराना विधानसभा होते हुए बिरसा चौक पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के पास सभा में समाप्त हुआ।
कैलाश यादव ने कहा कि दोनों बच्चे की 9वें दिन भी कोई जानकारी नहीं मिली है। प्रशासन की ओर से कोई ठोस अपडेट नहीं। उन्होंने कहा जनाक्रोश अब जनांदोलन में बदल रहा है, बच्चे सकुशल वापस न आए तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।
कल (11 जनवरी 2026, रविवार) का बंद
समिति ने संपूर्ण HEC औद्योगिक क्षेत्र में सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक चप्पा-चप्पा बंद का आह्वान किया है। बाजार, हाट, दुकानें, ऑटो और वाहन सब बंद रहेंगे। बंद के दौरान शांतिमार्च निकाला जाएगा, जिसमें परिजन, समाज और समिति सदस्य सद्भावना अपील करेंगे। लोग सुबह 10 बजे सेक्टर 2 पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास इकट्ठा होंगे और पुराना OPD गोलचक्कर तक मार्च करेंगे।
विशेष टीमें गठित
बंद को सफल बनाने के लिए तीन क्षेत्रों में टीम बनाई गई है, ये टीमें क्षेत्र में शांतिमार्च कर लोगों से बंद का समर्थन मांगेंगी और अंत में गोलचक्कर पर जुटेंगी।
धुर्वा : रंजन यादव, बबन यादव, रामकुमार सिंह, नंदन यादव, विभाकर सिंह, निशांत यादव, अनिता यादव, उमेश यादव।
जगन्नाथपुर : गौरीशंकर यादव, परमेश्वर सिंह, मिंटू पासवान, भीम यादव, उमाकांत भारती।
सेक्टर 2 : संजीत यादव, विशाल सिंह, नीतू देवी, कविता देवी, सुभद्रा महली, प्रमोद मिश्रा, लालू राज, अजीत सिंह, संजय सिंह, राजेश यादव, उत्तम यादव, विनोद यादव।
परिवार की दयनीय स्थिति
पिता सुनील यादव (जो दूध और सब्जी बेचकर गुजारा करते हैं) और मां नीतू देवी सदमे में हैं। मां रो-रोकर बेहोश हो रही हैं, खाना-पीना छोड़ चुकी हैं। परिवार मूल रूप से पटना के मनेर से है और बेहतर भविष्य के लिए छह महीने पहले रांची आया था।

















