सिमडेगा में नालसा (DAWN) योजना-2025 के तहत नशा जागरूकता अभियान का शुभारंभ, नशे व बाल विवाह के खिलाफ दिया सशक्त संदेश
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) की DAWN (Drug Awareness and Wellness Navigation) योजना-2025 के तहत सोमवार को सिमडेगा में नशा जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर व्यवहार न्यायालय परिसर से एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसका नेतृत्व प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने किया।
रैली में न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, पारा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी), न्यायालय कर्मी तथा सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली न्यायालय परिसर से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए आमजन को नशे के घातक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करती रही। इस दौरान ‘से यस टू लाइफ, नो टू ड्रग्स’, ‘नशा छोड़ो-जीवन जोड़ो’, ‘बाल विवाह नहीं, सुरक्षित भविष्य सही’ जैसे जोरदार नारे लगाए गए, जिससे पूरा वातावरण गूंज उठा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला जज राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) एवं नालसा के निर्देश पर डालसा द्वारा DAWN योजना लागू की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य नशा सेवन, नशीले पदार्थों की तस्करी तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता फैलाना और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिमडेगा जिले को नशा मुक्त एवं बाल विवाह मुक्त बनाना प्रशासन, न्यायपालिका और समाज की साझा जिम्मेदारी है।
श्री सिन्हा ने बताया कि सिमडेगा जिला ओडिशा से बिहार एवं उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण ट्रांजिट रूट है, जिसके कारण यहां नशीले पदार्थों की तस्करी आम है। अब तक ज्यादातर मामलों में केवल छोटे पेडलर पकड़े जाते हैं, जबकि मुख्य तस्कर और नेटवर्क बच निकलते हैं। DAWN योजना के तहत स्रोत एवं आपूर्ति स्थलों की पहचान कर बड़े कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस के साथ बैठक कर ठोस रणनीति तैयार की गई है।
प्राधिकार सचिव मरियम हेमरोम ने बताया कि यह जागरूकता अभियान 12 जनवरी तक निरंतर चलेगा। इस दौरान जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों एवं लीगल लिटरेसी क्लबों में कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनके माध्यम से लोगों को नशे एवं बाल विवाह के कानूनी परिणामों, पीड़ितों के अधिकारों तथा उपलब्ध विधिक सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में डालसा की ओर से आमजन, खासकर युवाओं से अपील की गई कि वे नशे से दूर रहें, बाल विवाह का विरोध करें और नशा मुक्त एवं सुरक्षित सिमडेगा के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
मौके पर एडीजे नरंजन सिंह, सीजेएम निताशा बारला, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुभाष बाड़ा, चीफ एलएडीसीएस प्रभात कुमार श्रीवास्तव, असिस्टेंट एलएडीसीएस सुकोमल, बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामप्रीत प्रसाद, सचिव प्रद्युम्न सिंह, बसंत कुमार, संजय महतो, भूषण सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

















