सिमडेगा सदर अस्पताल में नालसा की डॉन योजना के तहत नशा मुक्ति एवं बाल विवाह विरोधी जागरूकता अभियान आयोजित
शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के निर्देशानुसार शुक्रवार को सदर अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) की डॉन (Drug Awareness and Wellness Navigation) योजना के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अस्पताल में मौजूद मरीजों, उनके परिजनों एवं अन्य लोगों को नशा मुक्ति तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में डालसा की ओर से असिस्टेंट एलएडीसीएस सुकोमल ने मुख्य रूप से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के शरीर और मस्तिष्क को क्षति पहुंचाता है, बल्कि इससे पूरा परिवार और समाज प्रभावित होता है। उन्होंने सभी से नशे से दूर रहने की अपील की। साथ ही बाल विवाह के खिलाफ बोलते हुए कहा कि कम उम्र में लड़के-लड़कियों की शादी कराना कानूनन अपराध है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। इस दौरान उपस्थित लोगों को विभिन्न कानूनी अधिकारों एवं सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।
परिवहन विभाग की टीम ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। एमवीआई प्रकाश रंजन, डीआरएसएम अजीत कुमार रवि, आरईए चंदन कुमार एवं आईटी असिस्टेंट नितेश कुमार ने दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए जरूरी यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने सड़क सुरक्षा के उपायों पर जोर देते हुए सड़क दुर्घटना में पीड़ित या मृतक के परिजनों को मिलने वाले मुआवजे संबंधी कानूनी प्रावधानों के बारे में बताया।
कार्यक्रम में सदर अस्पताल की मैनेजर अलका कुल्लू, एएनएम ट्रेनिंग सेंटर की प्रिंसिपल, डालसा के पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) दीपक कुमार, सुरजीत प्रसाद, पुनीता कुमारी सहित अस्पताल के कर्मचारी, छात्राएं एवं अन्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

















