नौ करोड़ बकाया रॉयलिटी नही मिलने से वन विभाग ने तेतरियाखांड़ व मगध को किया सील.

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बालूमाथ, प्रफुल्ल पांडेय.

बालूमाथ : झारखंड वनोपज अभिवहन का विनियमन नियमावली को दरकिनार कर बालूमाथ स्थित राजहरा एरिया के सीसीएल कि तेतरियाखाड़ कोलवरी तथा मगध एरिया अंतर्गत चमातु कोलवरी मे वन एवं पर्यावरण मंत्रालय झारखण्ड सरकार द्वारा कोयले का निर्धारित प्रति मीट्रिक टन 57 रूपये परिवहन रॉयलिटी जमा नहीं करने के कारण वन प्रमंडल पदाधिकारी के आदेशानुसार बालूमाथ रेंजर पीपी साहू ने मगध के चमातु कोलियरी तथा तेतरियाखाड़ कोलवरी की कोयला ढुलाई पर रोक लगा दी है। वन विभाग का सीसीएल के पास लगभग नौ करोड़ रूपये का बकाया परिवहन रॉयलिटी शुल्क जमा करने का निर्देश दिया था। बकाया परिवहन शुल्क नहीं जमा करने के कारण ही मगध और सीसीएल कोलियरी के तेतरियाखाड़ को बन्द कराना पड़ा है।

इस सम्बन्ध में रेंजर पीपी साहू ने संवाददाता को बताया की वन प्रमंडल के आदेश पर मगध कोलियरी क्षेत्र से कोयले की परिवहन करते पांच हाइवा ट्रक को पकड़ कर स्थानीय पुलिस को सौप दी गई है। पीपी साहू ने यह भी बताया की वन विभाग किसी हाईवा ट्रक अथवा ट्रक से कोई लेना देना नहीं है।सिर्फ मगध चमातु तथा सीसीएल तेतरिया- खाड़ कोलियरी बंद कराना है, ताकि निर्धारित परिवहन शुल्क के बकाया राशि तत्काल जमा करके चाहे तो कोयले का परिवहन शुरू कर सकते है। मगध पीओ ने फ़ोन नही उठाया।

इस संबंध में जब मगध कोलियरी के पीओ अशोक कुमार से उनका पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल से संपर्क किया तो कॉल रिसीव नहीं किये।
तेतरियाखाड पीओ का फ़ोन बन्द पाया गया। दूसरी तरफ सीसीएल तेतरियाखाड़ के पीओ ए बी सिंह से उनका पक्ष जानना चाहा तो उनका मोबाइल बंद पाया गया।

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