दुमका जिले के दो आदिवासी युवा का चयन नार्वे के एक प्रतिष्टित म्यूजिक स्कूल में हुआ सीखेंगे गीत संगीत

दुमका जिले के दो आदिवासी युवा का चयन नार्वे के एक प्रतिष्टित म्यूजिक स्कूल में हुआ सीखेंगे गीत संगीत

सौरभ सिन्हा
दुमका जिले के दो आदिवासी युवा कलाकार लियोनार्ड हांसदा और बिल मरांडी अब नार्वे देश के सबसे प्रतिष्ठित म्यूजिक स्कूल विकेन फाक्सकोल में कला की पढ़ाई करने जाएंगे। एक साल तक वहां दोनों आदिवासी युवा लड़के की पढ़ाई का पूरा खर्च स्कूल प्रबंधन ही वहन करेगा। दोनों का चयन बीते दिन नार्वे से दुमका आए एक टीम ने किया था। हालांकि इन दोनों को नार्वे जाने आने का खर्च खुद वहन करना पड़ेगा । दोनों एक सप्ताह पूर्व नार्वे के लिए रवाना हो चुके हैं। लियोनार्ड दुमका के बंदरजोड़ी और बिल मरांडी गोलपुर गांव के निवासी हैं। लियोनार्ड हांसदा की पहचान उभरते हुए गीतकार तथा संगीतकार की है। लियोनार्ड आदिवासी समाज के समकालीन मुद्दों पर गीत लिखते हैं साथ ही लोकगीत से भी अपनी आवाज समाज के लोगों तक पहुंचाते हैं।
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लियोनार्ड हिदी, अंग्रेजी, संताली, और असामी भाषा में अपनी कला को प्रस्तुत करते हैं। जबकि बिल मरांडी भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। वह मंझे हुए संगीतकार, रचयिता, संगीत निर्देशक हैं। दोनों कलाकार नार्वे प्रस्थान होने से पहले दोनों दुमका के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला से मुलाकात भी की थी। उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने भी दोनों के बेहतर भविष्य की कामना की है। वर्तमान में दोनों आदिवासी युवा लड़के दुमका के सरहाव संस्था से जुड़े हैं।
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