नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में भगदड़ के बाद भी श्रद्धालु सचेत नहीं हो रहे हैं झारखंड में इसी का एक नजारा कोडरमा रेलवे स्टेशन में दिखा
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में भगदड़ के बाद भी झारखंड में श्रद्धालु कुंभ जाने के लिए कुछ भी कर जाने को तैयार है दरअसल कोडरमा रेलवे स्टेशन पर आप इस भीड़ को देखकर अंदाजा लगा सकते हैं कि अगर समय रहते रेलवे प्रशासन यहां पर भारी मात्रा में फोर्स नहीं लगता है तो आने वाले दिनों में कहीं कोई अनहोनी हो जाती है तो इसका जिम्मेवार कौन होगा ?
महाकुंभ जाने के लिए लोगों की बेताबी कुछ ऐसी दिख रही है, कि वहां पहुंचने के लिए श्रद्धालु कुछ भी कर गुजरने को तैयार है। जिस तरह कल शाम नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ हुई और तकरीबन 18 लोगों की जान चली गई, कमोबेश उसी तरह की स्थिति कोडरमा स्टेशन पर भी इन दिनों नजर आ रही है। क्षमता से अधिक लोग प्लेटफार्म से लेकर रेलवे स्टेशन के सीढियो पर जमा हो जा रहे है और ट्रेन आते ही दौड़ भाग करने लगते हैं। दिन हो या रात श्रद्धालुओं का सैलाब कम होने का नाम नहीं ले रहा है। प्रयागराज की ओर जाने वाली जितनी भी ट्रेनें कोडरमा स्टेशन पर पहुंच रही है, लोग उसमें सवार होने के लिए किसी भी हद तक गुजर रहे हैं।
लड़ाई-झगड़ा, धक्का-मुक्की, जबरन ट्रेनों का दरवाजा खोलना, इमरजेंसी विंडो से ट्रेन की बगियां में दाखिल होने की तस्वीर इन दिनों आम है। इसके अलावे कोडरमा स्टेशन पर सबसे खतरनाक तस्वीर यह नजर आ रही है, जब लोग ट्रेन आने के बाद प्लेटफार्म के बजाय दूसरी तरफ से लोग जान जोखिम में डालकर ट्रेन में सवार होने की जद्दोजहद कर रहे हैं, ऐसे में अगर विपरीत दिशा से कोई ट्रेन आ जाए तो एक बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि आरपीएफ के अलावे अन्य सुरक्षाकर्मी और रेलकर्मी लोगों को ट्रेन में सुरक्षित चढ़ाने और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन वह भी ना कामी साबित हो रहा है।


















