कस्तूरबा गांधी विद्यालय में आग की घटना, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की तत्परता से 23 छात्राएं सुरक्षित

जामताड़ा (नारायणपुर) : कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, नारायणपुर में शुक्रवार शाम शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग और धुएं के कारण 23 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत नारायणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। इस संकट की घड़ी में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की त्वरित कार्रवाई ने बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
मंत्री की तत्परता ने बचाई जानें
घटना की सूचना मिलते ही डॉ. इरफान अंसारी ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर तत्काल नारायणपुर अस्पताल पहुंचकर प्रभावित छात्राओं से मुलाकात की और उनकी स्थिति का जायजा लिया। उनके पहुंचते ही अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया और चिकित्सा व्यवस्था को और तेज किया गया। डॉ. अंसारी ने बताया, “सभी 23 छात्राओं की हालत स्थिर है। जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में भेजा जाएगा। मैंने सभी छात्राओं के अभिभावकों से मुलाकात की है और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।”

प्राकृतिक आपदा और त्वरित कार्रवाई
मंत्री ने बताया कि भारी बारिश और बिजली गिरने के कारण यह हादसा हुआ, जिससे कुछ छात्राएं बेहोश हो गईं। स्थानीय लोगों, स्वास्थ्यकर्मियों और समाजसेवियों की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. अंसारी ने मीडिया को भी धन्यवाद दिया, जिनके त्वरित समाचार प्रसार ने राहत कार्यों में सहायता प्रदान की।
अस्पताल में सुधार के लिए सख्त निर्देश
अस्पताल का निरीक्षण करते हुए डॉ. अंसारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों का जायजा लिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि “स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त फंड है। अस्पताल की सभी जरूरतें पूरी की जाएंगी, लेकिन इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।”।उन्होंने प्रभारी को सख्त हिदायत दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।

जनता की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
डॉ. इरफान अंसारी ने अपने संदेश में कहा, “हमारी सरकार जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह समर्पित है। यह घटना दुखद थी, लेकिन समय रहते काबू पा लिया गया।” उनकी त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की नारायणपुर सहित पूरे झारखंड में चर्चा हो रही है।
नारायणपुर की जनता का कहना है कि डॉ. इरफान अंसारी ने साबित कर दिया कि वे सच्चे जनसेवक हैं। उनकी तत्परता ने न केवल 23 मासूम जिंदगियां बचाईं, बल्कि पूरे समुदाय का भरोसा भी जीता।

















