गुवा जगन्नाथ मंदिर परिसर में पहुंचा जंगल का मेहमान, नाले में फंसे कोटरा को वन विभाग ने बचाया

पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर परिसर में बुधवार सुबह उस समय लोगों की भीड़ जुट गई, जब जंगल से भटककर एक कोटरा मंदिर परिसर में पहुंच गया। निर्माणाधीन शिव मंदिर के पास कोटरा को घूमते देख पुजारी जितेंद्र पांडा ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी।

सूचना मिलते ही गुवा वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचने के लिए रवाना हुई। इसी दौरान लोगों की गतिविधियों से घबराकर कोटरा भागने लगा और मंदिर के सामने बने गहरे नाले में जा गिरा। नाले में फंसने के कारण वह बाहर नहीं निकल पा रहा था।

वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया। काफी प्रयास के बाद वनकर्मियों ने कोटरा को सुरक्षित नाले से बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे जंगल में ले जाकर सुरक्षित स्थान पर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

कोटरा के मंदिर परिसर में पहुंचने की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। काफी देर तक लोग वन्यजीव को देखने के लिए मौके पर मौजूद रहे। कुछ श्रद्धालुओं ने इस घटना को धार्मिक आस्था से भी जोड़कर देखा।

स्थानीय लोगों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उनका कहना था कि समय पर रेस्क्यू नहीं होने पर कोटरा आवारा कुत्तों का शिकार बन सकता था। वन विभाग की टीम ने समय रहते उसे सुरक्षित बाहर निकालकर जंगल में पहुंचा दिया।
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