झारखंड के पूर्व राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन होंगे एनडीए के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार
नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए महाराष्ट्र के वर्तमान राज्यपाल और झारखंड के पूर्व राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नई दिल्ली में पार्टी की संसदीय समिति की बैठक के बाद इसकी घोषणा की। यह निर्णय मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से 21 जुलाई 2025 को इस्तीफा देने के बाद लिया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सीपी राधाकृष्णन, जिनका पूरा नाम चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन है, का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ था। वह एक अनुभवी भाजपा नेता हैं, जिन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 16 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक के रूप में की थी। उन्होंने 1974 में भारतीय जनसंघ के राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की।
राधाकृष्णन 1998 और 1999 में कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद चुने गए। इस दौरान उन्होंने वस्त्र मंत्रालय की स्थायी समिति के अध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों में अपनी सेवाएं दीं। 2004 से 2007 तक वह तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे और इस दौरान उन्होंने 19,000 किलोमीटर की 93-दिवसीय रथ यात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें भारतीय नदियों को जोड़ने, आतंकवाद उन्मूलन, समान नागरिक संहिता लागू करने जैसे मुद्दों को उठाया गया।
सीपी राधाकृष्णन ने 2016 से 2020 तक कोयर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया, जहां उनके नेतृत्व में 2,532 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निर्यात हासिल किया गया। 2020 से 2022 तक वे केरल में भाजपा के प्रभारी रहे। 2023 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने सभी 24 जिलों का दौरा कर नागरिकों और अधिकारियों से संवाद स्थापित किया था। जुलाई 2024 में उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया, और कुछ समय के लिए उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल और पुदुचेरी के उपराज्यपाल की अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी संभालीं।
उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर 2025 को निर्धारित है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सांसद मतदान करेंगे। नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2025 है। भाजपा ने अपने सांसदों के लिए 6 से 9 सितंबर तक कार्यशालाओं का आयोजन किया है, ताकि मतदान प्रक्रिया में अधिकतम भागीदारी और त्रुटि-मुक्त मतदान सुनिश्चित हो सके। एनडीए ने अपने सहयोगी दलों जैसे जदयू और तेदेपा के साथ समन्वय स्थापित किया है और विपक्ष से भी समर्थन की उम्मीद जताई है, ताकि यह चुनाव सर्वसम्मति से हो सके।















