दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म का चौथा दिन: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने निभाई भोजन परोसने की रस्म

दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म का चौथा दिन: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने निभाई भोजन परोसने की रस्म

रांची, झारखंड: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पारंपरिक श्राद्ध कर्म का आज (8 अगस्त 2025) चौथा दिन है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने धार्मिक मान्यताओं, संस्कारों और स्थानीय परंपराओं के अनुरूप सुबह अपने पिता स्वर्गीय शिबू सोरेन को भोजन परोसने की रस्म निभाई। यह रस्म स्थानीय आदिवासी परंपराओं का एक अभिन्न हिस्सा है, जिसे श्राद्ध कर्म के दौरान दिवंगत आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए हर दिन विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाता है।

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झारखंड की सांस्कृतिक और आदिवासी परंपराओं में श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व है। इस दौरान परिवार के सदस्य और समुदाय के लोग मिलकर विभिन्न रस्मों को पूरा करते हैं, जिसमें भोजन परोसना, प्रार्थना और अन्य धार्मिक अनुष्ठान शामिल हैं। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस रस्म को पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ निभाया, जिसमें स्थानीय विधि-विधान का पालन किया गया।

शिबू सोरेन, जिन्हें ‘दिशोम गुरु’ के नाम से जाना जाता है, झारखंड के आदिवासी आंदोलन के प्रमुख नेता और राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शख्सियत थे। उनके निधन के बाद यह श्राद्ध कर्म उनके सम्मान और आत्मा की शांति के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान परिवार और समुदाय के लोग उनकी स्मृति में प्रार्थना और अनुष्ठान में भाग ले रहे हैं।

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