सिमडेगा में डीएलएमसी बैठक: न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर, 50 से अधिक एजेंडों की समीक्षा

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के अध्यक्ष राजीव कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति (DLMC) एवं विक्टिम कंपेनसेशन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में न्यायिक अधोसंरचना, जेल, पुलिस, स्वास्थ्य और प्रशासन से जुड़े 50 से अधिक महत्वपूर्ण एजेंडों की समीक्षा की गई। उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना रहा।

बैठक में उपायुक्त कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे, सिविल सर्जन डॉ. सुंदर मोहन सामद, अनुमंडल पदाधिकारी सुमंत तिर्की, सीजेएम निताशा बारला, डीएलएसए सचिव मरियम हेमरोम समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
14 पीड़ित प्रतिकर मामलों में 10 का निष्पादन
विक्टिम कंपेनसेशन स्कीम के तहत कुल 14 मामलों (8 नए और 6 पुराने) पर विचार किया गया। इनमें 10 मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि तीन मामलों को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में स्थगित और एक मामले को होल्ड पर रखा गया। संबंधित अंचल अधिकारियों को पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए ताकि पात्र पीड़ितों को समय पर मुआवजा मिल सके।

न्यायिक परिसरों में सोलर सिस्टम लगाने में तेजी के निर्देश
बैठक में जज कॉलोनी, डिप्टीटोली, सीजेएम आवास, ऑफिसर्स कॉलोनी और केलाघाघ स्थित सिविल कोर्ट स्टाफ क्वार्टर में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की प्रगति तेज करने के लिए जेआरईडीए को निर्देश दिए गए।

जेल और न्यायिक भवनों की व्यवस्थाओं की समीक्षा
मंडल कारा में विचाराधीन बंदियों की पहचान, दोषसिद्ध कैदियों की अपील, महिला बंदियों के लिए अलग बैरक, नए भवन निर्माण और बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई। वहीं भवन निर्माण विभाग को चाइल्ड फ्रेंडली कोर्ट रूम, बहुउद्देशीय हॉल, प्रतीक्षा कक्ष, डालसा भवन की मरम्मत और न्यायिक आवासों के नवीनीकरण कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया।

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश
सिविल सर्जन को न्यायालय औषधालय में दवाओं की नियमित उपलब्धता, पोस्टमार्टम एवं चिकित्सीय जांच रिपोर्टों का कंप्यूटरीकरण और स्थानांतरित चिकित्सकों का अद्यतन डाटाबेस तैयार कर पुलिस को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

नगर परिषद और पुलिस को भी दिए गए अहम निर्देश
नगर परिषद को न्यायालय परिसर और न्यायिक आवासों में नियमित फॉगिंग, साफ-सफाई, कूड़ेदान की व्यवस्था, उद्यानों के रखरखाव और घास की कटाई सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस प्रशासन को आरोप पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने, शिकायतों पर समयबद्ध एफआईआर दर्ज करने, पॉक्सो मामलों में एक माह के भीतर पीड़ित का परीक्षण कराने, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का अधिकतम उपयोग करने तथा कोर्ट परिसर की सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे और सिविल कोर्ट के मुख्य प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाने पर भी जोर दिया गया।

लंबित कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश
बैठक में सरकारी अधिवक्ताओं की नियुक्ति, किशोर न्याय बोर्ड के लिए अलग भवन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, झारनेट कनेक्टिविटी और न्यायालयों में ऑडियो सिस्टम स्थापना जैसे मुद्दों की भी समीक्षा हुई। बैठक के अंत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने सभी विभागों को न्यायालयों से जुड़े लंबित कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने और अगली बैठक तक उल्लेखनीय प्रगति लाने के निर्देश दिए।


















