संसद के सेंट्रल हॉल में भव्य आयोजन: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 9 भारतीय भाषाओं में संविधान के डिजिटल अनुवाद का किया लोकार्पण
नई दिल्ली : संविधान दिवस के अवसर पर आज संसद भवन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के संविधान के डिजिटल अनुवाद को 9 भारतीय भाषाओं में जारी किया। इन भाषाओं में मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया, असमिया और मलयालम शामिल हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा संविधान की प्रस्तावना के हिंदी पाठ से हुई। इसके बाद पूरा सेंट्रल हॉल राष्ट्रगान की स्वर लहरियों से गूंज उठा। लोकार्पण के बाद अपने संक्षिप्त संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा, “आज का दिन पूरे देशवासियों के लिए संविधान निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता और आदर व्यक्त करने का दिन है। संविधान की इन नई भाषाओं में उपलब्धता से देश के कोने-कोने तक इसके मूल्यों को पहुंचाने में मदद मिलेगी।”
कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित कई केंद्रीय मंत्री, सांसद और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इससे पहले संविधान को संथाली, डोगरी, मैथिली, संताली, उर्दू, तमिल, कन्नड़, गुजराती, बांग्ला, मणिपुरी आदि भाषाओं में भी डिजिटल रूप से उपलब्ध कराया जा चुका है। अब 9 और भाषाओं के जुड़ने से भारत के संविधान की पहुंच देश की भाषाई विविधता के और करीब पहुंच गई है।

















