If rations have not been collected for six months, the ration card could become inactive starting October 1st.

6 महीने से राशन नहीं लिया तो 1अक्टूबर से निष्क्रिय हो सकता है राशन कार्ड, झारखंड में 21 सितंबर तक मौका

रांची। अगर आपने पिछले छह महीने से सरकारी राशन की दुकान यानी PDS से अनाज नहीं लिया है, तो अपने राशन कार्ड की स्थिति जरूर जांच लें। झारखंड में लगातार छह महीने तक राशन नहीं उठाने वाले लाभार्थियों को ‘साइलेंट कार्डधारी’ की श्रेणी में रखते हुए ऐसे राशन कार्डों को अस्थायी रूप से निष्क्रिय करने की तैयारी है।

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ऐसे लाभार्थियों के लिए 21 सितंबर 2026 तक राशन उठाने की समय सीमा बताई गई है। अगर इस अवधि में राशन का उठाव नहीं किया जाता है, तो 1 अक्टूबर 2026 से कार्ड अस्थायी रूप से निष्क्रिय (Disable) किया जा सकता है। इसका सीधा असर यह होगा कि निष्क्रिय कार्ड पर PDS से राशन का वितरण रुक जाएगा।

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21 सितंबर तक राशन उठाने का मौका

झारखंड में छह महीने से राशन नहीं लेने वाले कार्डधारकों को 21 सितंबर तक अपने हिस्से का खाद्यान्न उठाने का मौका दिया गया है। राज्य में इस संबंध में आम लोगों को सूचना देने की तैयारी है, ताकि पात्र लाभार्थी समय रहते अपने राशन कार्ड की स्थिति जांच सकें और राशन का उठाव कर सकें।

इसलिए अगर आपने लंबे समय से PDS दुकान से राशन नहीं लिया है, तो अपने नजदीकी उचित मूल्य दुकान पर जाकर कार्ड की स्थिति जरूर पता करें।

1 अक्टूबर से क्या होगा?

छह महीने से राशन नहीं लेने वाले और तय समय सीमा तक राशन का उठाव नहीं करने वाले कार्डों को 1 अक्टूबर 2026 से अस्थायी रूप से निष्क्रिय करने की व्यवस्था लागू की जा रही है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि राशन कार्ड हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। केंद्र सरकार की नई SOP के तहत ऐसे कार्डों के लिए बाद में तीन महीने की e-KYC revalidation window रखी गई है। केंद्र के अनुसार यह नई व्यवस्था SMART-PDS में 1 अक्टूबर 2026 से live होगी।

1 जनवरी 2027 तक e-KYC का मौका

झारखंड में सामने आई व्यवस्था के मुताबिक 1 अक्टूबर से निष्क्रिय होने वाले कार्डधारकों को अगले तीन महीने के दौरान अपनी पात्रता और पहचान का सत्यापन कराने का अवसर मिलेगा। इसके लिए e-KYC और जरूरत पड़ने पर फील्ड वेरिफिकेशन कराया जा सकता है।

यानी जिन लोगों का कार्ड वास्तव में पात्र है, उनके लिए कार्ड को दोबारा सक्रिय कराने का रास्ता खुला रहेगा। लेकिन निर्धारित अवधि में आवश्यक सत्यापन/e-KYC नहीं कराने पर कार्ड निष्क्रिय बना रह सकता है।

पूरे देश में क्या लागू हो रहा है?

यह सिर्फ झारखंड की पहल नहीं है। केंद्र सरकार ने देशभर में PDS व्यवस्था के तहत ‘silent ration cards’ और duplicate beneficiaries की पहचान के लिए नई SOP जारी की है। 1 सितंबर 2026 को हुई राज्यों के खाद्य सचिवों की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी।

केंद्र सरकार के अनुसार नई SOP में छह महीने से राशन नहीं लेने वाले ‘silent’ राशन कार्डों को temporary disablement और उसके बाद तीन महीने की e-KYC revalidation की व्यवस्था है। SMART-PDS में इसकी functionality 1 अक्टूबर से लागू होनी है।

इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि “1 अक्टूबर से पूरे देश के सभी राशन कार्ड बंद हो जाएंगे।” सही बात यह है कि लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले चिन्हित कार्डों को नई व्यवस्था के तहत अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा सकता है।

सरकार क्यों कर रही है यह कार्रवाई?

इस व्यवस्था का उद्देश्य PDS में निष्क्रिय और डुप्लीकेट लाभार्थियों की पहचान, रिकॉर्ड को अपडेट करना और वास्तविक पात्र लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाना है।

केंद्र सरकार ने बताया है कि e-KYC की कवरेज 30 जुलाई 2026 तक 90.64 प्रतिशत पहुंच चुकी थी। राज्यों के साथ बैठक में silent और duplicate beneficiaries की पहचान को भी PDS सुधारों का हिस्सा बनाया गया है।

राशन कार्डधारक अभी क्या करें?

अगर आपने छह महीने या उससे ज्यादा समय से राशन नहीं लिया है, तो:

21 सितंबर से पहले PDS दुकान पर जाकर राशन कार्ड की स्थिति जांचें।
पात्र हैं तो अपना राशन उठाएं।
राशन कार्ड में दर्ज परिवार के सदस्यों की जानकारी जांचें।अगर e-KYC लंबित है तो उसे पूरा कराएं।
1 अक्टूबर के बाद कार्ड निष्क्रिय होने की स्थिति में संबंधित विभाग से revalidation/e-KYC की प्रक्रिया की जानकारी लें।

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