झारखंड-बंगाल में कोयला माफिया पर CISF का बड़ा प्रहार, 67 अवैध खनन साइट सील; 2.27 करोड़ का कोयला जब्त
रांची/कोलकाता। झारखंड और पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने बड़ा अभियान चलाया है। ECL (Eastern Coalfields Limited) के कमांड क्षेत्रों में करीब ढाई महीने तक चले इस अभियान में 778 छापे मारे गए और 67 अवैध खनन साइटों को बंद कर सील किया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!CISF की कार्रवाई में लगभग 3,966.990 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 2,27,66,179 यानी करीब 2.27 करोड़ बताई गई है। कार्रवाई के दौरान कोयला ढुलाई में इस्तेमाल किए जा रहे 333 वाहन भी जब्त किए गए।

22 जून से 8 सितंबर तक चला अभियान
रिपोर्ट के अनुसार CISF के NEZ-II कोलकाता मुख्यालय के DIG के.पी. सिंह के निर्देशन और कमांडेंट राहुल सिंह गौतम की निगरानी में यह अभियान 22 जून 2026 से 8 सितंबर 2026 तक चलाया गया।
इस दौरान CISF ने कुल 778 स्थानों पर छापेमारी की और MMDR Act, 1957 के तहत 778 मामले दर्ज किए। खुफिया सूचनाओं के आधार पर अवैध तरीके से संचालित किए जा रहे 67 खनन स्थलों की पहचान की गई। इन सभी साइटों को बंद कर सील कर दिया गया।
3,966 मीट्रिक टन से ज्यादा कोयला बरामद
कार्रवाई में CISF ने कुल 3,966.990 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया। इसकी अनुमानित कीमत 2.27 करोड़ से अधिक बताई गई है।
कोयले की अवैध ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले कुल 333 वाहन भी जब्त किए गए। इनमें:
2 ट्रक
8 ट्रैक्टर
3 पिकअप वाहन
5 टोटो
97 मोटरसाइकिल
218 साइकिल
शामिल हैं।
चार लोग हिरासत में
CISF के अभियान के दौरान अवैध गतिविधियों में कथित रूप से शामिल चार लोगों को पकड़ा गया। उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
झारखंड-बंगाल के ECL इलाके में कार्रवाई
यह अभियान खास तौर पर ECL के कमांड क्षेत्र में चलाया गया। ECL का परिचालन क्षेत्र पश्चिम बंगाल और झारखंड के कोयला क्षेत्रों में फैला हुआ है।
CISF को मिली नई कानूनी ताकत
CISF को हाल में MMDR Act के तहत कार्यवाही की है। जाहिर है CISF को केंद्र ने अवैध खनन और कोयला चोरी के मामलों में कार्रवाई का दायरा बढाया है। जिसके बाद से CISF ने संवेदनशील इलाकों और कोयला परिवहन के रास्तों पर निगरानी रखनी शुरू की है। अभियान का उद्देश्य अवैध खनन, कोयला चोरी और तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करना है।
















