रांची जिले में 24 घंटे के अंदर थानेदारों तबादला , ऐसे में आखिर कैसे होगी बेहतर पुलिसिंग
रांची जिले में 24 घंटे के अंदर थानेदारों तबादला , ऐसे में आखिर कैसे होगी बेहतर पुलिसिंग
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अंधेर नगरी चौपट राजा….टकेसर भाजी…… टकेसर खाजा
यह कहावत। भले हो किसी और संदर्भ में कही गई हो लेकिन फिलहाल रांची जिले में थानेदारों की ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर यह खूब चर्चा में है। रांची में पिछले 48 घंटे के भीतर कई थानेदारों की ट्रांसफर पोस्टिंग की गई।पहले चरण में जहां कुछ थानेदार बदले गए वही अगले 24 घंटे में इसमें कुछ परिवर्तन किए गए।
हालांकि ऊपर से देखने पर यह कोई बड़ी बात नहीं दिखती ।क्योंकि यह पूरी तरह से पुलिस कप्तान के स्वविवेक का विषय है। बावजूद इसके पुलिस मैनुएल और सरकार के नियमों की बात की जाय तो यदि कोई गंभीर आरोप न हो तो एक थानेदार की पोस्टिंग कम से कम दो वर्ष की होनी चाहिए । और यदि आरोप हों तो रेंज के DIG से परमिशन के बाद ही उनका स्थानांतरण हो सकता है।
इसका काफी हद तक पालन भी होता रहा है। लेकिन रांची जिले में जिस प्रकार से तास के पत्ते की तरह थानेदारों के ट्रांसफर किये जा रहे हैं ।उसने पुलिस कप्तान के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सवाल यह उठता है कि क्या रांची के पुलिस कप्तान सरकार से ऊपर हैं? सवाल यह भी है कि क्या सरकार इसपर कोई संज्ञान लेगी?
जहां तक पुलिस एसोसिएशन कि बात है संघ का जल्द चुनाव होने को है इसलिए कोई भी पदाधिकारी खुल कर बोलना नहीं चाहता लेकिन इसको लेकर उनमें भी ख़ासी नाराजगी देखने को मिल रही है। थानेदार जब तक अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था एवं अपराध से जुड़ी समस्या को समझने की कोशिश करता है तब तक ऐसे हो रहे ट्रांसफर से कनीय पुलिस अधिकारियों में भी खासी नाराजगी है।इससे पुलिसिंग प्रभावित होती है और उसका सबसे ज्यादे असर आम जनता पर दिखाई देता है।

















