सावन के पवित्र महीने में नाग-नागिन का जोड़ा अटखेलियां करता दिखा , दर्शन के लिए मानगो मंदिर परिसर में उमड़ी भीड़

सावन के पवित्र महीने में नाग-नागिन का जोड़ा अटखेलियां करता दिखा , दर्शन के लिए मानगो मंदिर परिसर में उमड़ी भीड़

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सावन के पवित्र महीने में नाग-नागिन का जोड़ा अटखेलियां करता दिखा , दर्शन के लिए मानगो मंदिर परिसर में उमड़ी भीड़

जमशेदपुर, 15 जुलाई  : मानगो थाना क्षेत्र के समता नगर बस्ती में स्थित देवी स्थान मंदिर परिसर में मंगलवार सुबह उस समय लोग मंदिर की तरफ जाने लगे , जब लोगों पता चला की मंदिर के समीप झाड़ियों में नाग और नागिन का जोड़ा एक-दूसरे से लिपटकर अटखेलियाँ कर रहा है। इस दुर्लभ दृश्य ने स्थानीय लोगों में कौतूहल और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया। सावन के पवित्र महीने में नाग -नागिन का जोड़ा दिखना शुभ माना जाता है।

सावन के पवित्र महीने में नाग-नागिन का जोड़ा अटखेलियां करता दिखा , दर्शन के लिए मानगो मंदिर परिसर में उमड़ी भीड़

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह के समय मंदिर के पास दोनों सर्प एक-दूसरे के चारों ओर लिपटे हुए विचरण कर रहे थे। देखते ही देखते वहां श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। कई लोगों ने इसे श्रावण मास में “शिव का शुभ संकेत” और चमत्कार मानते हुए मंदिर में पूजा-अर्चना शुरू कर दी। स्थानीय निवासी रमेश महतो ने कहा, “ऐसा दृश्य पहली बार देखा। यह निश्चित रूप से भगवान शिव का आशीर्वाद है।”

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस घटना का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें नाग-नागिन को एक-दूसरे के चारों ओर घूमते और भीड़ को उत्साहित अवस्था में देखा जा सकता है। वीडियो को देखकर न केवल स्थानीय लोग, बल्कि दूर-दराज के लोग भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कर रहे हैं।

विशेषज्ञों की सलाह: सावधानी बरतें
हालांकि यह दृश्य धार्मिक और रोमांचक रहा, लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञों ने लोगों से सर्पों के प्रति सावधानी बरतने की अपील की है। सर्प विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार ने बताया, “नाग-नागिन का इस तरह दिखना प्राकृतिक हो सकता है, लेकिन लोगों को इनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि सर्प भयभीत होने पर हमला कर सकते हैं।”

श्रावण मास से जोड़ा गया संबंध
श्रावण मास में नाग-नागिन का मंदिर परिसर में दिखना स्थानीय लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। कई श्रद्धालुओं का मानना है कि यह भगवान शिव और माता पार्वती का प्रतीक है। मंदिर के पुजारी पंडित श्याम सुंदर ने कहा, “श्रावण में नाग-नागिन का दर्शन अत्यंत शुभ माना जाता है। यह भक्तों के लिए सौभाग्य का संकेत है।”

स्थानीय प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इस घटना ने न केवल धार्मिक उत्साह को बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

नोट :  हमेशा सर्पों के प्रति जागरूकता और सुरक्षा के लिए विशेषज्ञों की सलाह का पालन करें।

 

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