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ईरान-इज़राइल युद्ध का झटका: होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, घरेलू एलपीजी सिलेंडर 60 रुपये महंगा! महंगाई बढ़ने का खतरा

मिडिल ईस्ट में ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे युद्ध ने भारत की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिसके चलते वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति में भारी व्यवधान आ गया है। इस संकट के बीच भारत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेजी से उछाल आया है।

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ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम के घरेलू (नॉन-सब्सिडाइज्ड) एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो 7 मार्च 2026 से प्रभावी हो गई है। दिल्ली में अब एक सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है। मुंबई में यह 852.50 से 912.50 रुपये, कोलकाता में 879 से 939 रुपये (कुछ रिपोर्ट्स में 930) और चेन्नई में 868.50 से 928.50 रुपये हो गई है।

यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा लागत में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए की गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लगभग 20% तेल और बड़ी मात्रा में एलपीजी आयात का मुख्य मार्ग है। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का 80-85% इसी रास्ते से आयात करता है। ईरान की ओर से जहाजों पर हमले की धमकियों और युद्ध के कारण शिपिंग ट्रैफिक लगभग ठप हो गया है, जिससे सप्लाई चेन बाधित हुई है और क्रूड ऑयल व एलपीजी की कीमतें आसमान छू रही हैं।

वाणिज्यिक एलपीजी (19 किलो) सिलेंडर की कीमत भी 115 रुपये बढ़ गई है, जो होटलों, रेस्तरां और अन्य व्यवसायों पर अतिरिक्त बोझ डालेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संकट लंबा खिंचा तो पेट्रोल-डीजल सहित अन्य ईंधनों की कीमतों में भी और इजाफा हो सकता है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है।

सरकार ने स्थिति पर नजर रखी हुई है और वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ाने की कोशिश कर रही है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। आम आदमी की रसोई पर पड़ रहे इस असर से राहत की कोई तत्काल उम्मीद नहीं दिख रही।

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