अमेरिका-ईरान जंग : पेट्रोल-डीजल के दामों में उछाल की आशंका, भारत पर भारी असर पड़ सकता है!
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तेज होता सैन्य संघर्ष अब वैश्विक तेल बाजार को हिला रहा है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है, जिससे कच्चे तेल की सप्लाई में बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
इसके चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें रविवार-सोमवार को 7-13% तक उछलकर $78-82 प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई हैं – जनवरी 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर। कुछ एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर तनाव लंबा चला और होर्मुज पूरी तरह बंद रहा तो क्रूड $100 प्रति बैरल तक भी जा सकता है।
भारत अपनी 85-90% से ज्यादा कच्चे तेल की जरूरत आयात करता है, और इसमें से 40% से अधिक तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है। ऐसे में हर $1 प्रति बैरल की बढ़ोतरी से पेट्रोल ₹0.55/लीटर और डीजल ₹0.52/लीटर तक महंगा हो सकता है। अगर क्रूड $10-20 तक और बढ़ा तो पेट्रोल-डीजल में 5-15 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी संभव।
फिलहाल तत्काल सप्लाई में कोई बड़ा ब्रेक नहीं, लेकिन कीमतों में उछाल जल्दी पंप पर दिख सकता है। भारत रूसी क्रूड की ओर ज्यादा झुकाव बढ़ा सकता है, लेकिन ग्लोबल कीमतों का असर बनेगा।
एक्सपर्ट्स और रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर जंग लंबी चली तो भारत जैसे बड़े आयातक देशों में ईंधन महंगा होना तय है। सरकार स्थिति पर नजर रख रही है, लेकिन उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के नए रेट देखने को मिल सकते हैं।


















