झारखंड हाई कोर्ट ने 500 करोड़ के कथित बिजली घोटाले में अमलगम स्टील से मांगा जवाब


रांची, : झारखंड उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) की सुनवाई के दौरान अमलगम स्टील्स एंड पावर लिमिटेड और अमलगम स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड को 500 करोड़ रुपये के कथित बिजली घोटाले पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह याचिका एनर्जी वॉचडॉग नामक संस्था ने दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इन दो निजी कंपनियों ने विद्युत अधिनियम का उल्लंघन कर आपस में बिजली खरीद-बेचकर राज्य सरकार को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

शुक्रवार को हुए सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने दोनों कंपनियों को जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देते हुए विस्तृत हलफनामा मांगा है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विपुल पोद्दार ने तर्क दिया कि कंपनियों का यह आंतरिक बिजली व्यापार गैरकानूनी है और इससे राज्य के खजाने को लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यह अनुमान कई वर्षों के बिजली उत्पादन और बिक्री के रिकॉर्ड पर आधारित है।

अदालत ने कहा कि यदि आरोप सही पाए गए, तो यह विद्युत अधिनियम के नियामक ढांचे का गंभीर उल्लंघन होगा।
मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर 2025 को निर्धारित की गई है, जिसमें कंपनियों और राज्य सरकार के जवाबों की समीक्षा की जाएगी।

















