निकाय चुनाव में राज्य सरकार पर संजय सेठ का तीखा हमला: लाखों परिवारों के बूथ बदले, बुर्के में पुलिस तैनाती का आरोप

निकाय चुनाव में राज्य सरकार पर संजय सेठ का तीखा हमला: लाखों परिवारों के बूथ बदले, बुर्के में पुलिस तैनाती का आरोप

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रांची : केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ ने नगर निकाय चुनाव को लेकर आज अपने केंद्रीय कार्यालय में पत्रकार वार्ता की और झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार जानबूझकर चुनाव को बाधित करने की साजिश रच रही है।

संजय सेठ ने कहा कि लाखों परिवारों के मतदान केंद्रों को साजिशन बदल दिया गया है, जिससे परिवार के सदस्य अलग-अलग बूथों पर वोट डालने को मजबूर हैं। उन्होंने अपने उदाहरण देते हुए बताया कि उनके और उनकी पत्नी के मतदान केंद्र अलग-अलग कर दिए गए हैं। उनका आरोप है कि यह कदम मतदान प्रतिशत को कम करने की मंशा से उठाया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी के युग में राज्य सरकार बैलेट पेपर पर मतदान करवा रही है, जो मतदान प्रक्रिया को जटिल और बाधित करने वाला है। संजय सेठ ने भविष्यवाणी की कि 23 फरवरी को होने वाले मतदान में जनता सरकार की इस मंशा को करारा जवाब देगी और भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की प्रचंड जीत होगी।

संजय सेठ ने रांची मेयर पद की भाजपा समर्थित प्रत्याशी रोशनी खलखो की तारीफ करते हुए कहा कि निकाय चुनाव कराने का श्रेय मुख्य रूप से उन्हीं को जाता है। रोशनी खलखो ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसके बाद ही पूरे झारखंड में नगर निकाय चुनाव संभव हो सका। उन्होंने रांचीवासियों से अपील की कि रांची के सर्वांगीण विकास, स्वच्छता और बेहतर शहर के लिए #बिस्कुट छाप (क्रमांक 6) पर रोशनी खलखो को वोट दें।

पत्रकार वार्ता में सबसे चर्चित रहा हजारीबाग में मुस्लिम बहुल बूथों पर बुर्का पहनाकर पुलिस की तैनाती का मुद्दा। संजय सेठ ने इसे संविधान विरोधी बताते हुए पूछा कि क्या बुर्का संविधान से ऊपर है? उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार राज्य को शरिया कानून की ओर धकेलने की तैयारी कर रही है। श्री सेठ ने कहा कि यह तुष्टिकरण की नीति है, जो जनता के आक्रोश को बढ़ा रही है। राज्य को इस्लामिक स्टेट नहीं बनने दिया जाएगा और पुलिसकर्मियों के हौसले पर भी यह कुठाराघात है।

उन्होंने जनता से अपील की कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से हो रहे चुनाव में हर कीमत पर वोट दें और गलत मंशा वालों को माकूल जवाब दें।

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