झारखंड पुलिस की बड़ी पहल: अवैध अफीम खेती के खिलाफ सख्त कार्रवाई, डीजीपी ने दिए ये निर्देश
रांची : झारखंड में अवैध अफीम की खेती और मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुलिस विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। आज पुलिस मुख्यालय के सभागार में डीजीपी तदाशा मिश्र की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रभावित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा हुई, जिसमें अवैध अफीम की खेती के विनाश और रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में रांची, चतरा, पलामू, पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा), हजारीबाग, लातेहार, सरायकेला-खरसावां और खूंटी जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। डीजीपी ने वर्ष 2025 में की गई अफीम खेती के विनाश के आंकड़ों की समीक्षा की। साथ ही, पिछले फसल वर्ष 2024-2025 में विनाशित भूमि के जीआर सत्यापन की स्थिति, संबंधित मामलों की अद्यतन स्थिति, बड़े तस्करों पर की गई कार्रवाई, पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रस्तावों की स्थिति, जागरूकता अभियान, वैकल्पिक खेती को प्रोत्साहन और जिला स्तर पर एनसीओआरडी बैठकों की विवरणी पर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा के बाद डीजीपी तदाशा मिश्र ने एनडीपीएस से जुड़े मामलों में फॉरवर्ड/बैकवर्ड लिंक स्थापित करने का निर्देश दिया, ताकि अपराधियों के सरगना तक पहुंचा जा सके और उन पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के सेवन, खेती और व्यापार को रोकने के लिए व्यापक समीक्षा जरूरी है।
प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं:
समन्वय और संयुक्त कार्रवाई: राजस्व, कृषि, वन और पुलिस विभागों के बीच सूचना साझा कर सरकारी, रैयती और वन भूमि पर अवैध अफीम खेती की पहचान करें और कठोर कानूनी कार्रवाई करें।
आसूचना और त्वरित कार्रवाई: विशेष शाखा और एनसीबी से मिली जानकारी का सत्यापन कर शीघ्र कार्रवाई करें। मानकी, मुंडा, मुखिया, जनप्रतिनिधियों और महिला समितियों का सहयोग लें। ड्रोन कैमरों का उपयोग कर अफीम खेती का विनाश सुनिश्चित करें।
संपत्ति जब्ती: एनडीपीएस मामलों के आरोपी, सरगनाओं और संगठित अपराधिक गिरोहों की अवैध संपत्तियों की पहचान कर कार्रवाई करें।
जागरूकता और वैकल्पिक खेती: प्रभावित क्षेत्रों में अफीम खेती के दुष्प्रभावों का प्रचार-प्रसार करें। वैकल्पिक फसलों के लिए फलदायी बीज वितरित कर किसानों को प्रोत्साहित करें।
बैठक में एडीजी मनोज कौशिक, आईजी असीम विक्रांत मिंज भौतिक रूप से उपस्थित थे। वहीं, बोकारो और पलामू के प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, पलामू, चाईबासा और हजारीबाग के क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक तथा सभी प्रभावित जिलों के पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।

















