झामुमो अपनी असफलता छुपाने के लिए केंद्र पर अनर्गल आरोप लगा रही: प्रतुल शाहदेव
रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर अपनी सरकार की विफलताओं को छुपाने के लिए केंद्र सरकार पर अनर्गल आरोप लगाने का पलटवार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड के विकास के लिए हर संभव सहायता प्रदान की है, लेकिन हेमंत सोरेन सरकार ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अक्षमता के कारण विकास योजनाओं को बर्बाद कर दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केंद्र सरकार की योजनाओं में झारखंड को मिली भारी राशि
प्रतुल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 2024-25 के केंद्रीय बजट में झारखंड के लिए रेलवे परियोजनाओं हेतु ₹9,853 करोड़ आवंटित किए हैं, जिसमें अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रांची, हटिया और अन्य स्टेशनों का आधुनिकीकरण शामिल है। खनन क्षेत्र में रॉयल्टी और जीएसटी के माध्यम से झारखंड को उसका उचित हिस्सा मिल रहा है। डीएमएफटी योजना के तहत 2024 तक ₹12,000 करोड़ से अधिक की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए दी गई है।
जल जीवन मिशन और मनरेगा में भ्रष्टाचार का आरोप
प्रतुल ने जल जीवन मिशन में व्याप्त भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड इस योजना में राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है, जो राज्य सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि केंद्र ने 2024-25 में मनरेगा के लिए ₹86,000 करोड़ का बजट आवंटित किया है, जिसमें झारखंड को उसकी मांग के अनुसार राशि दी जा रही है। हालांकि, मनरेगा कार्यों में देरी और भ्रष्टाचार की शिकायतें हेमंत सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाती हैं।
प्रशासनिक अक्षमता और बिजली संकट
प्रतुल ने झामुमो सरकार की प्रशासनिक अक्षमता पर निशाना साधते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने स्वीकार किया है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के तीन महीने बीतने के बावजूद कई विभागों, विशेषकर कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में, खर्च शून्य है। उन्होंने पिछले महीने कैबिनेट बैठक के दौरान लंबे समय तक बिजली कटौती को भी हेमंत सरकार की विफलता का प्रतीक बताया।
पूर्णिया घटना पर बिहार सरकार की त्वरित कार्रवाई
पूर्णिया की दुखद घटना का जिक्र करते हुए प्रतुल ने कहा कि बिहार सरकार ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की है। बिहार पुलिस ने FIR दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि बिहार में अपराध दर 2012-14 (यूपीए शासनकाल) की तुलना में 2024 में 30% कम हुई है।
झारखंड में बलात्कार की घटनाओं पर सवाल
प्रतुल ने झामुमो सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले साढ़े पांच वर्षों में झारखंड में 8,000 से अधिक बलात्कार की घटनाएं हुई हैं, जिनमें लगभग एक तिहाई मामलों में आदिवासी बेटियां शिकार बनी हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा हेमंत सरकार की नाकामी और आदिवासी समुदाय के प्रति उसकी उदासीनता को उजागर करता है।
झामुमो को अपनी विफलताओं पर आत्ममंथन की जरूरत
प्रतुल शाह देव ने कहा कि झामुमो को केंद्र सरकार पर आरोप लगाने के बजाय अपनी सरकार की विफलताओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन राज्य सरकार की अक्षमता और भ्रष्टाचार के कारण योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।

















