रांची में आज भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, 333 साल पुरानी परंपरा का उत्सव
झारखंड की राजधानी रांची में आज भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी। यह ऐतिहासिक रथयात्रा, जो 333 साल पुरानी परंपरा का हिस्सा है, रांची के धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर से शुरू होगी। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथों को भक्त श्रद्धापूर्वक खींचेंगे, जो मौसीबाड़ी तक जाएंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रथयात्रा की शुरुआत सुबह विशेष पूजा और नेत्रदान अनुष्ठान के बाद होगी, जिसमें भगवान जगन्नाथ भक्तों को दर्शन देंगे। यह रथयात्रा पुरी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा मानी जाती है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होने के लिए रांची पहुंचे हैं। मान्यता है कि रथ की रस्सी खींचने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उनके कष्ट दूर होते हैं।
जगन्नाथपुर मंदिर और रथों को भव्य रूप से सजाया गया है। रथयात्रा के लिए 40 फीट ऊंचा और 25 फीट चौड़ा रथ तैयार किया गया है, जिसमें आठ पहिए लगाए गए हैं। मंदिर परिसर और रथयात्रा मार्ग पर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, वॉच टावर, और मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अलग कतारें, विश्राम स्थल, और हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाएं मिलकर इस आयोजन को सुचारू और सुरक्षित बनाने में जुटी हैं।
रथयात्रा के साथ ही 27 जून से 6 जुलाई तक 10 दिवसीय रथ मेला भी आयोजित होगा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु शामिल होंगे। मेले में झारखंडी व्यंजनों जैसे धुस्का, बालूशाही, और छिलका रोटी की दुकानें आकर्षण का केंद्र होंगी। यह मेला स्थानीय संस्कृति और भक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।

















