बालू घाटों के बड़े पैकेज पर विधायक भूषण बाड़ा का हंगामा, विधानसभा में उठाया स्थानीय हितों का मुद्दा
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा के 14 बालू घाटों को एक साथ जोड़कर 198.39 हेक्टेयर का बड़ा पैकेज तैयार करने और इसका रिज़र्व प्राइस 35.61 करोड़ रुपये निर्धारित करने के प्रशासन के फैसले पर विधायक भूषण बाड़ा ने कड़ा विरोध जताया है। गुरुवार को झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
विधायक बाड़ा ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों पर पहला हक स्थानीय लोगों का है, लेकिन इस बड़े पैकेज की वजह से छोटे व्यवसायी, बेरोजगार आदिवासी युवा और ग्रामीण स्तर पर बालू घाट संचालित करने वाले लोग आर्थिक संकट में पड़ जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि इतने बड़े पैकेज में बोली लगाने की क्षमता सिर्फ बाहरी ठेकेदारों और बड़ी कंपनियों के पास होगी, जिससे स्थानीय लोग पूरी तरह वंचित हो जाएंगे। इससे जिले के प्राकृतिक संसाधन बाहरी हाथों में चले जाएंगे और उनका अनियंत्रित दोहन होगा।
उन्होंने सरकार के आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पैकेज व्यवस्था स्थानीय हितों की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास है। विधायक ने पेसा एक्ट के तहत बालू घाटों का आवंटन सुनिश्चित करने और इस पैकेज व्यवस्था को तत्काल रद्द करने की मांग की।

















