20251229 131108

MSU BARODA : BA इंग्लिश कोर्स में शामिल हुए PM मोदी और वीर सावरकर के लेख, पीएम मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम भी शामिल

वादोदरा : गुजरात की प्रतिष्ठित महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय (MSU) ने अपनी बीए (इंग्लिश) माइनर कोर्स में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब छात्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर से जुड़े चैप्टर्स पढ़ेंगे। यह बदलाव नई शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू किया गया है, जिसमें पीएम मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को भी शामिल किया गया है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, MSU की फैकल्टी ऑफ आर्ट्स ने बीए माइनर कोर्स की शुरुआत की है। इस कोर्स के तहत ‘एनालाइजिंग एंड अंडरस्टैंडिंग नॉन-फिक्शनल राइटिंग्स’ शीर्षक वाले सेक्शन में पीएम मोदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘ज्योतिपुंज’ और वीर सावरकर की ‘इनसाइड द एनिमी कैंप’ को शामिल किया गया है। यह कोर्स मौजूदा अकादमिक वर्ष 2025-26 से प्रभावी हो गया है।

MSU के अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव छात्रों को भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और समकालीन नेतृत्व की गहराई से समझ प्रदान करेगा। ‘ज्योतिपुंज’ में पीएम मोदी ने गुजरात के प्रमुख व्यक्तित्वों पर प्रकाश डाला है, जबकि सावरकर की किताब ब्रिटिश शासन के दौरान उनके अनुभवों पर आधारित है। इसके अलावा, ‘मन की बात’ के कुछ एपिसोड्स को भी कोर्स में जोड़ा गया है, जो छात्रों को मौखिक संवाद और सार्वजनिक संबोधन की कला सिखाएंगे।

यह कदम नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो भारतीय मूल्यों, इतिहास और संस्कृति को शिक्षा में एकीकृत करने पर जोर देती है। MSU, जो 1949 में स्थापित हुई थी और बारोडा कॉलेज की विरासत को आगे बढ़ाती है, हमेशा से नवाचार के लिए जानी जाती है। इस कोर्स से छात्रों को नॉन-फिक्शन लेखन का विश्लेषण करने का अवसर मिलेगा, जो उनकी क्रिटिकल थिंकिंग स्किल्स को मजबूत करेगा।

हालांकि, कुछ शिक्षाविदों और छात्रों ने इस बदलाव पर सवाल उठाए हैं, उनका मानना है कि कोर्स में राजनीतिक व्यक्तित्वों को शामिल करना शिक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह चयन शैक्षणिक मूल्य के आधार पर किया गया है।

अधिक जानकारी के लिए MSU की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या फैकल्टी ऑफ आर्ट्स से संपर्क करें। यह बदलाव गुजरात की शिक्षा प्रणाली में एक नया अध्याय जोड़ रहा है, जो राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देगा।

Share via
Share via