20250501 122836

लातेहार जिले में नक्सलियों का कहर , सड़क निर्माण कार्य मे लगे गाड़ी को फूंका, मजदूर को गोली मारी

झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ओरसापाट गांव में 30 अप्रैल  की देर रात नक्सलियों ने एक हिंसक हमला किया, जिसमें उन्होंने सड़क निर्माण कार्य को निशाना बनाया। इस हमले में नक्सलियों ने सड़क निर्माण में लगी एक जेसीबी मशीन को पूरी तरह आग के हवाले कर दिया, जबकि एक अन्य वाहन को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त किया। इसके अलावा, नक्सलियों ने निर्माण कार्य के मुंशी मोहम्मद अयूब को बंधक बनाया, पहले उनकी बेरहमी से पिटाई की और फिर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। इस घटना ने क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

लातेहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुमार गौरव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमला रात करीब 10 बजे हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगभग 10 नक्सलियों का एक सशस्त्र समूह इस हमले में शामिल था। नक्सलियों ने पहले निर्माण स्थल पर पहुंचकर वहां मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों को धमकाया, फिर मशीनों को आग लगाई और मोहम्मद अयूब को निशाना बनाया। घटना की सूचना मिलते ही महुआडांड़ थाना पुलिस और अन्य सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके को घेर लिया और नक्सलियों की तलाश में सघन छापेमारी अभियान शुरू किया।

यह हमला उस समय हुआ, जब ओरसापाट गांव में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास का हिस्सा है। नक्सली अक्सर ऐसे विकास कार्यों को निशाना बनाते हैं, क्योंकि वे इसे सरकार के प्रभाव क्षेत्र के विस्तार के रूप में देखते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, नक्सलियों ने पहले भी इस क्षेत्र में सड़क निर्माण और अन्य विकास परियोजनाओं को बाधित करने की कोशिश की है।
पुलिस ने मोहम्मद अयूब के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
लातेहार जिला, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में से एक रहा है, पिछले कुछ वर्षों में अपेक्षाकृत शांत रहा था। सुरक्षा बलों की सक्रियता और नक्सल विरोधी अभियानों के कारण नक्सली गतिविधियों में कमी आई थी।

Share via
Share via