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गीतांजलि एक्सप्रेस में यात्री की मौत, शव उतारने में 12 घंटे की देरी का आरोप

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सुबह 8 बजे टीटीई को दी गई थी सूचना, रात 8:26 बजे टाटानगर स्टेशन पर उतारा गया शव; कैंसर से पीड़ित थे 45 वर्षीय बिनोद पासवान

जमशेदपुर: मुंबई से हावड़ा जा रही गीतांजलि एक्सप्रेस में एक यात्री की मौत के बाद शव को ट्रेन से उतारने में कथित तौर पर करीब 12 घंटे लगने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के भाटपारा निवासी 45 वर्षीय बिनोद पासवान के रूप में हुई है। बताया गया है कि वह कैंसर से पीड़ित थे और ट्रेन के एम-1 कोच में सफर कर रहे थे।मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 8 बजे सहयात्रियों को बिनोद पासवान की मौत की जानकारी हुई। इसके बाद ट्रेन में मौजूद टीटीई को सूचना दी गई। हालांकि, परिजनों और सहयात्रियों के मुताबिक, शव को ट्रेन से उतारने के लिए उन्हें कई घंटे इंतजार करना पड़ा। अंततः रात 8 बजकर 26 मिनट पर टाटानगर स्टेशन पहुंचने के बाद शव को उतारा गया।

सुबह सूचना, रात तक करना पड़ा इंतजार

यात्रियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद मृत्यु की चिकित्सकीय पुष्टि और जरूरी औपचारिकताओं का हवाला दिया गया। इस प्रक्रिया के दौरान शव को ट्रेन से उतारने में देरी हुई। परिजनों और सहयात्रियों ने इस पर नाराजगी जताई है।हालांकि, घटना के दौरान रेलवे के संबंधित अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की, चिकित्सकीय सहायता के लिए किससे संपर्क किया गया और शव को पहले किसी स्टेशन पर उतारने की व्यवस्था क्यों नहीं हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

रेलवे की आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल

ट्रेन में किसी यात्री की मौत होने पर चिकित्सकीय पुष्टि, पुलिस को सूचना और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन ऐसी स्थिति में संबंधित विभागों के बीच समय पर समन्वय भी जरूरी है, ताकि यात्रियों और परिजनों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।इस मामले में सुबह सूचना दिए जाने और रात में शव उतारे जाने के बीच लंबा अंतराल कई सवाल खड़े करता है। क्या संबंधित रेलवे अधिकारियों को समय पर सूचना मिली थी? क्या किसी नजदीकी स्टेशन पर आवश्यक व्यवस्था की जा सकती थी? और देरी के पीछे वास्तविक कारण क्या था?

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अश्वनी पाठक

अश्वनी पाठक

रिपोर्टर

अश्वनी पाठक जमशेदपुर निवासी हैं और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने न्यूज मीडिया किरण के माध्यम से पत्रकारिता की शुरुआत की। वाणिज्य में ऑनर्स (बी.कॉम) की शिक्षा पूरी करने के बाद वर्तमान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ वे कानून की शिक्षा भी प्राप्त कर रहे हैं।