JPSC-JSSC आंदोलन में पीयूष मिश्रा की एंट्री, ‘आरंभ है प्रचंड’ से गूंज उठा प्रदर्शन स्थल

रांची: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन को शनिवार को उस वक्त नया उत्साह मिला, जब अभिनेता और रंगकर्मी पीयूष मिश्रा आंदोलन स्थल पहुंचे। छात्रों से मुलाकात और बातचीत के बाद उन्होंने मंच से अपना चर्चित गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ प्रस्तुत किया। पीयूष मिश्रा के गीत की शुरुआत होते ही आंदोलन में शामिल छात्र भी उनके साथ गाने लगे और पूरा परिसर तालियों व नारों से गूंज उठा।

छात्रों के संघर्ष ने किया प्रभावित
पीयूष मिश्रा ने कहा कि रांची आने के पीछे किसी का दबाव या निमंत्रण नहीं था। छात्रों के संघर्ष और उनकी परेशानियों के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने खुद उनके बीच पहुंचने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ संवाद और उनके मुद्दों पर अपनी कला के माध्यम से बात करना उनके लिए नया नहीं है। ऐसे समय में जब बड़ी संख्या में युवा रोजगार और अपने भविष्य को लेकर सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं, उनके बीच पहुंचना उन्हें जरूरी लगा।

बारिश के बावजूद आंदोलन पर डटे छात्रों की सराहना
आंदोलन स्थल पर छात्रों की स्थिति का जिक्र करते हुए पीयूष मिश्रा ने कहा कि बारिश समेत कई मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। उन्होंने इसे आसान संघर्ष नहीं बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि बीते कुछ दिनों से वह अपनी व्यक्तिगत क्षमता के अनुसार आंदोलनरत छात्रों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। जरूरत के मुताबिक भोजन-पानी और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संसाधन सीमित होने के बावजूद जितना संभव है, उतना सहयोग करना उनका प्रयास है।

गीत के साथ बदला माहौल
पीयूष मिश्रा के ‘आरंभ है प्रचंड’ गाने के दौरान आंदोलन स्थल पर छात्रों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कई छात्र उनके साथ गीत गाते और तालियां बजाते नजर आए। प्रस्तुति समाप्त होने के बाद पीयूष मिश्रा ने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए उनकी लड़ाई की सराहना की।
उनकी मौजूदगी से कुछ समय के लिए आंदोलन स्थल पर उत्साह का माहौल बन गया और छात्रों ने भी उनका जोरदार स्वागत किया।

युवाओं से बोले- संघर्ष को सार्थक बनाना जरूरी
पीयूष मिश्रा ने छात्रों से बातचीत में जीवन और संघर्ष को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इंसान का जीवन सीमित है, इसलिए इस दौरान कुछ सकारात्मक और सार्थक काम करके जाना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जो युवा अपने अधिकार, रोजगार और भविष्य को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, उनके साथ खड़ा होना समाज की जिम्मेदारी भी है।

‘किसी के कहने पर नहीं, अपनी भावना से आया हूं’
मीडिया से बातचीत में पीयूष मिश्रा ने कहा कि किसी आंदोलन का हिस्सा बनना केवल किसी के बुलाने या कहने से संभव नहीं होता। इसके लिए भीतर से इच्छा और संवेदना पैदा होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्र झारखंड में कई दिनों से मुश्किल परिस्थितियों के बीच संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे युवाओं की स्थिति को देखकर उनके बीच आना उन्हें जरूरी लगा।
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है। इसी आंदोलन के बीच पीयूष मिश्रा की मौजूदगी ने प्रदर्शनकारियों के बीच उत्साह बढ़ाया।






















