आदिवासी महोत्सव से पहले मोरहाबादी मैदान का निरीक्षण, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर डीसी-एसएसपी ने दिए निर्देश

रांची: राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में 9 और 10 अगस्त को आयोजित होने वाले आदिवासी महोत्सव-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने मोरहाबादी मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने मंच, विभिन्न स्टॉल, प्रवेश और निकास द्वार, दर्शक दीर्घा तथा आसपास के क्षेत्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, अग्निशमन, प्राथमिक चिकित्सा, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को महोत्सव के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्टॉलों की सुरक्षा के साथ विद्युत व्यवस्था की जांच और आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाले निकास मार्गों को पूरी तरह खाली रखने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि महोत्सव में आने वाले लोगों की सुविधा के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की गरिमा का भी विशेष ध्यान रखा जाए। सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने और आयोजन के दौरान लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रवेश द्वारों पर होगी सघन जांच, CCTV से निगरानी
वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने को कहा।
इसके अलावा प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
महोत्सव के दौरान मोरहाबादी मैदान और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस को विशेष तैयारी करने को कहा गया है। यातायात पुलिस को भीड़ के दबाव को देखते हुए आवश्यक व्यवस्था करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया।

आदिवासी संस्कृति और परंपरा की दिखेगी झलक
आदिवासी महोत्सव-2026 में झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। महोत्सव में लोक कला, पारंपरिक नृत्य, संगीत, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों के जरिए राज्य की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।

आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने और आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है























